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पीएम मोदी को मानवाधिकार पर ‘ज्ञान’ नहीं देंगे अमेरिकी राष्‍ट्रपति बाइडन

वॉशिंगटन: अमेरिका की राजकीय यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपति जो बाइडन मानवाधिकार पर ज्ञान नहीं देंगे। व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि दोनों देशों के नेताओं के बीच वार्ता पूर्व निर्धारित बिंदुओं पर ही होगी। अमेरिका चाहता है कि भारत उसके साथ मिलकर चीन के खिलाफ एक मजबूत प्रतिद्वंदी बन जाए। प्रधानमंत्री मोदी भी भारत के प्रभाव का विस्तार पूरी दुनिया में करना चाहते हैं। ऐसे में वे अमेरिका के साथ भारत के संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में जुटे हैं। पीएम मोदी और जो बाइडन की मुलाकात के दौरान रक्षा सहयोग और हथियारों की बिक्री, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और माइक्रो टेक्नोलॉजी में सहयोग समेत अमेरिकी कंपनियों की भारत में निवेश को लेकर कई समझौतों की घोषणा हो सकती है।

अमेरिकी एनएसए बोले- पीएम मोदी को ज्ञान नहीं देंगे बाइडन

व्हाइट हाउस में अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा कि उम्मीद है कि बाइडन भारत में लोकतांत्रित गिरावट के बारे में अमेरिकी चिंताओं को उठाएंगे, लेकिन वह पीएम मोदी को इस विषय पर ज्ञान नहीं देंगे। सुलिवन ने कहा कि जब अमेरिका प्रेस, धार्मिक या अन्य स्वतंत्रताओं के लिए चुनौतियों को देखता है तो हम अपने विचारों से अवगत कराते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हम ऐसा एक तरह से करते हैं जहां हम व्याख्यान देने या यह दावा करने की कोशिश नहीं करते हैं कि हमारे पास स्वयं चुनौतियां नहीं हैं।

भारतीय निर्धारित करेंगे लोकतांत्रिक संस्थानों का सवाल

अमेरिकी एनएसए सुलिवन ने कहा कि भारत में राजनीति और लोकतांत्रिक संस्थानों का सवाल कहां जाता है, यह भारतीयों द्वारा निर्धारित किया जाएगा। अमेरिका द्वारा निर्धारित नहीं किया जा सकता है। पीएम मोदी 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद पांचवी बार अमेरिका गए हैं, लेकिन वहां मौजूद भारत विरोधी तत्व अक्सर उनके खिलाफ माहौल बनाने की नाकाम कोशिश करते रहते हैं। तमाम दुष्प्रचारों के बावजूद अमेरिका समेत पूरी दुनिया में पीएम मोदी की लोकप्रियता बाकी सभी वैश्विक नेताओं के मुकाबले काफी तेजी से बढ़ी है। इसका प्रमाण हाल में ही पीएम मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान देखने को मिला, जब वहां के प्रधानमंत्री एंटोनी अल्बानीज ने पीएम मोदी को बॉस कहकर संबोधित किया।

भारत में मानवाधिकारों पर अमेरिकी नेताओं ने उठाए थे सवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन पर उनके डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ सदस्यों का दबाव है कि वह पीएम मोदी के सामने मानवाधिकारों का मुद्दा उठाएं। इसे लेकर कुछ नेताओं ने बाइडन को पत्र भी लिखा है। हालांकि, ऐसी मांग पर अमेरिका और भारत दोनों देशों ने आधिकारिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सुलिवन ने कहा कि पीएम मोदी की यात्रा चीन के बारे में नहीं है, लेकिन सैन्य क्षेत्र, प्रौद्योगिकी क्षेत्र, आर्थिक क्षेत्र में चीन की भूमिका का सवाल एजेंडे में होगा। पीएम मोदी बुधवार को फर्स्ट लेडी जिल बिडेन के साथ नेशनल साइंस फाउंडेशन जाएंगे और व्हाइट हाउस में बुधवार रात राष्ट्रपति बाइडन के साथ स्टेट डिनर करेंगे।

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