Uncategorized

मौत के मुंह में धकेलते आरा मशीनों के मालिक

भोपाल. राजधानी के आरा मशीन संचालक मोटा पैसा कमाने के चक्कर में कर्मचारियों को मौत के मुंह में धकेलने का काम कर रहे हैं। उन्हें किसी भी कर्मचारी की तनिक सी भी जान-माल की कोई फिक्र नहीं उनकी नजर में सिर्फ पैसा दिखाई देता हैं कर्मचारियों की सुरक्षा की ओर कोई ध्यान नहीं हैं। बड़ा ही गंभीर विषय हैं लेबर डिपार्टमेंट को इनकी सुध लेनी चाहिए आरा मशीन संचालकों से पूछताछ करनी चाहिए उन्होंने कर्मचारियों की सुरक्षा के क्या इंतजामात किए हैं राजधानी की सभी आरा मशीनों पर लेबर डिपार्टमेंट के अधिकारियों को पैनी नजर रखनी होगी गंभीरता से जांच पड़ताल करनी शुरू कर देनी चाहिए क्योंकि आरा मशीनों पर काम करने वाले कर्मचारियों के साथ- साथ उनके परिवार की जिंदगी का सवाल हैं अगर परिवार का मुखिया किसी दुर्घटना का शिकार हो गया तो उसके परिवार के हर एक व्यक्ति दो वक्त की रोटी मिलना मुश्किल हो जाएगी उसके बच्चों की पढ़ाई लिखाई एवं उनका जीवन गर्भ की गुफा में समां जाएंगा सारा का सारा परिवार खिंन्न भींन्न हो जाएगा । खबर खालसा न्यूज़ चैनल के द्वारा कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर पड़ताल शुरू की ग्राउंड रिपोर्ट की तो पाया 95% प्रतिशत आरा मशीन मालिकों की वजह से वहां के कर्मचारी खतरों से खेल रहे हैं अपने आपको मौत की गोंद में खड़े होकर सारा दिन काम कर रहे हैं अपना खून पसीना बहाकर मालिकों को मोटा पैसा कमाकर दें रहे हैं,और बदलें में आरा मशीन मालिक उन्हें मौत के मुंह में धकेल रहे हैं। यह इसलिए कहा जा रहा हैं कि रिपोर्टिंग के दौरान देखा गया हैं मशीनों पर काम कर रहे व्यक्तियों के पास किसी भी प्रकार का सुरक्षा से जुड़ी कोई भी वस्तु या उपकरण नहीं पाया गया हैं। जैसे हेलमेट,ग्लाफ्स, सेफ्टी शूज,माक्स, एवं अत्यंत महत्वपूर्ण आंखों पर चश्मा तक नहीं पाया गया । नाम न छापने की शर्त पर कुछ कर्मचारियों ने छुट्टी होने के बाद सड़क पर जानकारी देते हुए बताया कि हमनें जब भी उनसे अपनी सुरक्षा से जुड़े हुई वस्तुएं मांगी तो वह अभद्र भाषा का उपयोग करते हुए कहतें हैं काम करना हैं तो करों नहीं तो भागों तुम्हारे जैसे और भी काम करने के लिए लाईन में खड़े हैं। यहां ज्ञात कराते चलें जब से मध्य प्रदेश सरकार ने 5 प्रजातियां के कटें पेड़ों के परिवाहन पर वन विभाग के द्वारा टीपी मुक्त किया हैं जब से आरा मशीन संचालकों के पैर जमीन पर नहीं हैं (वह दिन में तारे गिन रहे हैं सपना देख रहे हैं, सोच रहे हैं मैं चाहें ये करूं मैं चाहें वो करूं मेरी मर्जी ) आरा मशीन संचालक यह भूल गए 5प्रजातियों में से 3तो मध्य प्रदेश में न के बराबर हैं सूबबूल किसी काम का नहीं बचा नीलगिरी जिसे सिर्फ किसान ही बैंच सकता हैं लेकिन इस पर भी लकड़ी तस्कर काम कर रहे हैं दलाली भी कर रहे हैं जो वन विभाग के जांच का विषय हैं। सूत्रों से जानकारी मिल रही हैं आरा मशीनों पर नीलगिरी की है आड़ में काला बबूल,आम, इमली,शीशम,खैर,और भी कई प्रकार के जंगली एवं उपयोगी पेड़ कट कर आरा मशीनों पर डंप हो रहें हैं जिसकी जांच पड़ताल वन विभाग को करनी चाहिए। मध्य प्रदेश सरकार ने टीपी से छुटकारा तो दिलवा दिया पर मनमर्जी से नहीं,नीलगिरी का पेंड कहां से कट कर आया हैं कौन लाया हैं किस जगह से कट कर आया हैं किसान की निजीं जमीन से कटां हैं या फिर नगर निगम सीमा के अलावा साशकीय भूमी सड़क किनारे से तो कट कर नहीं आया हैं इस की जांच पड़ताल वन विभाग को बहुत ही बारीकी से करनी चाहिए कहीं आरा मशीन संचालकों के द्वारा चूहें बिल्ली का खेल तो नहीं खेला जा रहा हैं। अवैध रूप से नीलगिरी की आड़ में कहीं कोई दूसरा पेड़ बगैर टीपी के तो नहीं आ रहा हैं वैसे भी प्रतिबंधित आम का पेड़ भारी मात्रा में राजधानी की आरा मशीनों पर कटकर पड़ा हैं जो जांच का विषय हैं।अब बात करें आरा मशीन पर काम करने वाले कर्मचारियों की जिन पर कितना खतरा मंडरा रहा हैं इस विषय को लेकर वन विभाग एवं लेबर डिपार्टमेंट को अति शीघ्र सभी आरा मशीनों पर जांच पड़ताल शुरू कर कानूनी कार्यवाही करनी चाहिए।

शेष और भी बहुत कुछ हैं पढ़ते रहें……

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Популярність запиту ігрові автомати на гроші з виводом на карту пояснюється швидкістю результатів. Короткі ігрові сесії та миттєві виплати роблять цей формат особливо привабливим.

bettilt bettilt bettilt giriş pinup pinco pinco bahsegel bahsegel giriş paribahis giriş paribahis casinomhub rokubet slotbey marsbahis casino siteleri