“कोलार में चालानी कार्रवाई पर बवाल: पार्षद के परिजनों और स्वास्थ्य अधिकारी में झड़प, पॉलिथीन माफिया पर राजनीतिक साया?”


खिसियाई आई बिल्ली खंभा नोचे
जैसी कहावतें जोन क्रमांक 8 में सटीक बैठती है जहां भोपाल महिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी के बीच हुई झड़प हैं ताजा मामला जोन क्रमांक 8 के कोलार क्षेत्र का है जहां कांग्रेस के पार्षद दिव्यांशु कंसाना है, बेटा पार्षद हो तो मां-बाप एवं रिश्तेदारों का दिमाग आसमान पर होना तय है कोलार क्षेत्र में पार्षद के माता-पिता एवं स्वास्थ्य अधिकारी रविंद्र यादव के बीच झड़प होने का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें स्वास्थ्य अधिकारी पर आरोप लगाया जा रहा है की पक्षपात करते हुए उन्होंने चालानी कार्रवाई की है इस मामले में खबर खालसा की टीम द्वारा जमीनी स्तर पर पड़ताल की गई तो हकीकत कुछ और निकाल कर सामने आई है।
कहने को तो राजधानी स्वच्छ है कैंसर जैसी बीमारियों को जन्म देने वाली पॉलिथीन एवं डिस्पोजल गिलास भी प्रतिबंधित है लेकिन हकीकत कुछ और है राजनीतिक संरक्षण होने के कारण राजधानी में जगह-जगह हर एक सब्जी की दुकान हर एक होटल रेस्टोरेंट हर एक किराना दुकानों पर प्रतिबंधित पॉलीथिन डिस्पोजल गिलास इस्तेमाल करते हुए भी देखे जा रहे हैं इसी वजह से गंदगी होती हैं जबकि आम जनता इस बात से भली-भांति परिचित है गंदगी एवं डिस्पोजल गिलास पॉलिथीन से भिन्न-भिन्न प्रकार की जानलेवा बीमारियां फैलती हैं, स्वास्थ्य अधिकारी का कुसूर सिर्फ इतना था कि वह गंदगी फैलाने वाले डिस्पोजल ग्लास पॉलिथीन का उपयोग करने वालों पर कड़ी चालानी कार्रवाई कर रहे थे दबाव बनाने वाले लोगों को यह बात अच्छी नहीं लगी क्योंकि उनके कुछ परिचितों पर भी चालानी कार्रवाई की जा रही थी इसलिए दबाव कर्ता खिसिया रहे थे वह चाहते थे कि उनके परिचितों को इस कार्रवाई से बचाया जा सके।
इस सारे प्रकरण में शासन प्रशासन से सवाल हैं क्या स्वास्थ्य अधिकारी को अपनी ड्यूटी करनी चाहिए थी या दबाव बनाने वालों को खुश करना चाहिए था।








