बिजली विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा ड्रग्स फैक्ट्री में 70 हजार रूपए की रिश्वत लेकर लगाया मीटर


दो अदने से कर्मचारियों पर कार्यवाही की गिरी गाज जेई राजेश यादव को बचाने में जुटा विभाग
भोपाल. बिजली विभाग ने अवैध कॉलोनी को बैद बताया 70 हजार की घूस खाकर लगाया बिजली का मीटर ताजा मामला ईटखेड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले इलाके जगदीशपुर का है जिसे इस्लामनगर भी कहा जाता है जहां पर एक ड्रग्स की फैक्ट्री का खुलासा हुआ है एमडी ड्रग्स का कारोबार जिस मकान में किया जा रहा था उसका मकान मालिक रज्जाक नामक व्यक्ति है जिसके मकान पर 70 हजार रुपए से अधिक की घुस खाकर 3 किलोवाॅट का नया कनेक्शन देकर मीटर लगा दिया सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है यह कॉलोनी अवैध है फिर भी उसे बिजली विभाग के कर्मचारियों के द्वारा बैद बनाकर इस भ्रष्टाचार को अंजाम तक पहुंचाया गया।

हालांकि इस सारे मामले में थाना ईटखेड़ी पुलिस द्वारा दो व्यक्तियों पर मुकदमा दर्ज किया गया हैं लेकिन इस सारे प्रकरण में विभाग के और भी कई अधिकारी कर्मचारी शामिल थे उनका क्या हुआ क्या उन पर कार्रवाई की गई या विभाग उन्हें बचाने का प्रयास में जुटा है, इस सारे प्रकरण में जब खबर खालसा के संपादक ने जेई राजेश यादव से फोन पर जानकारी लेना चाही तो उन्होंने एक टूक जवाब देकर किसी भी प्रकार की जानकारी देने से मना कर दिया उनका कहना था कि इस सारे प्रकरण में जानकारी बिजली विभाग के पीआरओ देंगे।

पीआरओ मनोज द्विवेदी के मोबाइल नंबर 9425303948 पर कई बार संपर्क साधा गया उन्होंने फोन नहीं उठाया जितने बार भी फोन पर संपर्क बनाने का प्रयास किया गया उन्होंने हर बार मोबाइल फोन को काट दिया इससे स्पष्ट समझ में आता है कि इस सारे प्रकरण में कुछ ना कुछ लोचा तो है।
उप प्रबंधक ईटखेड़ी नवनीत गुप्ता के मोबाइल नंबर 6232913626 पर भी संपर्क किया गया तो उन्होंने सीधे हाथ खड़े कर दिए और कहा मुझे कुछ पता नहीं है, अजब है मध्य प्रदेश गजब है मध्य प्रदेश का बिजली विभाग इसके जिम्मेदार अधिकारियों को अपने ही विभाग के इतने बड़े भ्रष्टाचार की जानकारी तक नहीं है, इन सभी जिम्मेदार पद पर बैठे बिजली विभाग के अधिकारियों का इस तरह के रवैया से तो ऐसा लग रहा है कि कहीं कुछ ना कुछ गोलमाल करने का प्रयास किया जा रहा है बिजली विभाग के ढोल में कहीं ना कहीं है पोल।
इस ड्रग्स फैक्ट्री वाले मकान पर 70 हजार रूपए की रिश्वत लेकर यह जो कारनामा किया गया है इसमें शामिल आउटसोर्स कर्मचारी मनीष मीणा, नए बिजली कनेक्शन जारी करने वाले नीरज भारती, लाइनमैन इरफान, जूनियर इंजीनियर राजेश यादव यह सारे के सारे कर्मचारी इस प्रकरण में शामिल थे इन पर क्या कार्रवाई की गई कैसी कार्रवाई की गई इसकी जानकारी आखिर मीडिया को कौन देगा कहीं ऐसा तो नहीं इन सभी कर्मचारियों के ड्रग्स माफिया से तार जुड़े हो शायद इसी वजह से बिजली विभाग के अधिकारियों के फोन उठाने पर हाथ कांप रहे हैं और किसी भी प्रकार की बात करने को तैयार नहीं है।




