

जेई से लेकर पीआरओ तक मीडिया से बात करने को तैयार नहीं
भोपाल. मध्य प्रदेश क्षेत्रीय विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों की इस कदर मनमर्जी देखनें को मिल रही हैं की जैसे वह किसी भी प्रकार कि जानकारी मीडिया को नहीं देना चाहते हैं इस के पिछे क्या वजह हो सकती हैं अगर हम बात करें पीआरओ मनोज कुमार द्विवेदी की तो उन्होंने कसम खा रखी हैं

कि चाहे जो भी हो जितना भी भ्रष्टाचार विभाग में होता रहें इस जानकारी किसी भी हालत में मीडिया को नहीं लगना चाहिए अगर मीडिया को इनके काले कारनामों की खबर लग गई तो विभाग की बदनामी के साथ साथ इनके राजा हरिश्चंद्र के मुखौटे इनके चेहरों से उतर जायेंगे। हालही में ईंटखेड़ी डीसी में ड्रग्स फैक्ट्री में लगाए गए 70 हजार रुपए की घूस खाकर अवैध मीटर लगाने का मामला एवं ड्रग्स के कारोबार का खुलासा होते ही बिजली विभाग के अधिकारी अंटा खाकर सो गए हैं या फिर घबरा गए हैं घबराहट भी इतनी की जेई से लेकर पीआरओ तक मीडिया का फोन तक उठाने को तैयार नहीं, इससे तो स्पष्ट होता हैं कि कहीं ना कहीं दाल में कुछ काला हैं अधिकारीयों की घबराहट को देखते हुए ऐसा लगता हैं जैसे दाल में कुछ कल नहीं बल्कि पूरी ही दाल काली हो ईंटखेड़ी डीसी के जेई राजेश यादव के द्वारा 70 हजार रुपए की रिश्वत लेकर अवैध कालोनी को वैध बताकर ड्रग्स फैक्ट्री में मात्र एक-दो घंटे में मीटर लगा देना इस पर बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह लगता हैं बिजली विभाग की ईतनी फुर्ती को देखकर यह तो स्पष्ट हो जाता है की कुछ ना कुछ कहीं ना कहीं गड़बड़ी है अदने से कर्मचारियों को ऊपर की गई कार्रवाई जेई के ऊपर मुकदमा दर्ज ना होना और फिर अधिकारीयों द्वारा फोन नहीं उठाना आखिर इसे क्या समझा जा सकता हैं। अधिकारी डाल-डाल तो मीडिया पात-पात भ्रष्टाचारी जेई बचेगा नहीं आज नहीं तो कल इस सारे प्रकरण का खुलासा होकर ही रहेगा। सूत्रों से जानकारी प्राप्त हो रही हैं भोपाल जिले में बैरसिया के ललरिया डीसी में भी बहुत गड़बड़ी बताईं जा रही हैं मुख्यमंत्री के द्वारा किसानों के लिए बनाई गई योजना 5 रुपए में मुफ़्त बिजली कनेक्शन में भी भारी गड़बड़ी चल रही हैं इन गड़बड़ीयों की सूत्रों से जानकारी मिलते ही वहां के जेई ( जुनियर इंजीनियर) सुनील कुमार वर्मा से उसके मोबाइल नं 9893450415 पर जानकारी लेना चाही तो उन्होंने ने भी फोन नहीं उठाया। दो दिन तक लगातार फोन पर संपर्क साधा गया उन्होंने एक बार फोन नहीं उठाया अधिकारियों के द्वारा फोन ना उड़ाना आफिस में उनका सीट ना मिलना आखिर इस सब का क्या मतलब निकाला जाये।




