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कर्नाटक शपथ ग्रहण में ममता-नीतीश को न्योता, पर इन विपक्षियों को कांग्रेस ने बुलाया ही नहीं

नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी के लिए 20 मई बड़ा दिन है। इस दिन कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा रहा है। सिद्धारमैया सीएम होंगे और डीके शिवकुमार उनके डेप्युटी बनेंगे। खास बात यह है कि कांग्रेस इस मौके का इस्तेमाल अपने शक्ति प्रदर्शन और विपक्षी एकजुटता के लिए करना चाहती है, जो 2024 के लिए बड़ा संदेश होगा। कांग्रेस ने इसके लिए कई प्रमुख विपक्षी नेताओं को न्योता भेजा है। हालांकि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव और बसपा सुप्रीमो मायावती समेत कई नेताओं को न्योता नहीं गया है। ऐसे में यह जानना दिलचस्प है कि कांग्रेस ने किसे बुलाया है और किसे छोड़ दिया। न बुलाने की एक वजह ऐंटी-कांग्रेस मोर्चे की सुगबुगाहट भी मानी जा रही है। कुछ विपक्षी नेता कांग्रेस को छोड़ तीसरा मोर्चा खड़ा करने की कोशिश करते देखे गए थे। बताया गया है कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इन नेताओं को आमंत्रित किया है।

शपथ ग्रहण में कांग्रेस का इन्हें न्योता

  1. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
  2. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन
  3. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
  4. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
  5. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार
  6. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव
  7. नेशनल कांफ्रेस के नेता फारूक अब्दुल्ला
  8. बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव
  9. शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे


… और इन्हें भूली कांग्रेस

सूत्रों ने बताया है कि बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती को न्योता नहीं भेजा गया है। केरल के सीएम पिनाराई विजयन, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, आंध्र के सीएम जगनमोहन रेड्डी को भी कांग्रेस ने नहीं बुलाया है।

पश्चिम बंगाल राज्य सचिवालय के अंदर से जानकारी आई है कि ममता बनर्जी सिद्धारमैया के शपथ ग्रहण समारोह से दूर रह सकती हैं और उनकी जगह कोई प्रतिनिधि जा सकता है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी राजा ने निमंत्रण मिलने की पुष्टि की है। एक दिन पहले कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया था कि शपथ ग्रहण समारोह के लिए समान विचारधारा वाले दलों के नेताओं को आमंत्रित किया जा रहा है। कांग्रेस शपथ ग्रहण के मौके पर विपक्षी एकजुटता का संदेश देने का प्रयास कर रही है।

देखा भी गया है कि 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कुछ महीनों से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और JDU नेता नीतीश कुमार विपक्षी एकजुटता का प्रयास कर रहे हैं। आने वाले दिनों में बिहार की राजधानी पटना में विपक्ष के प्रमुख नेताओं की एक बैठक भी होने वाली है। कर्नाटक में 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए 10 मई को हुए चुनाव में कांग्रेस ने शानदार जीत हासिल की है। कांग्रेस को 135 सीटें, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा को 66 और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा की पार्टी जेडीएस को मात्र 19 सीटें मिली हैं। कांग्रेस खेमा इस जीत के बाद पूरी तरह उत्साहित है।

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