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नेहरू की तारीफ करने वाले जापानी प्रोफेसर से मिले मोदी, जानें क्या हुई दोनों में बात

नई दिल्ली : पीएम नरेंद्र मोदी जापान दौरे पर हैं। यहां पीएम मोदी ने शनिवार को हिंदी और पंजाबी के मशहूर भाषाविद् प्रोफेसर तोमियो मिजोकामी से मुलाकात की। पीएम बेहद ही गर्मजोशी के साथ प्रो. मिजोकामी से मिले पीएम मोदी ने मिजोकामी से उनके हाल के भारत दौरे को लेकर बातचीत की। पीएम ने प्रोफेसर से पूछा कि इधर भारत में आप किस तरफ हो कर आए। इसके सवाल के जवाब में प्रो. मिजोकामी ने कहा कि मैं गोवा गया था। प्रोफेसर ने फिजी के दौरे का भी जिक्र किया। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि हमारी आपकी पांच-छ: बार मिल चुके हैं।

हाईस्कूल के समय से हिंदी को लेकर जिज्ञासा

मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने कहा कि हिरोशिमा में मुझे प्रोफेसर तोमियो मिजोकामी के साथ बातचीत करके खुशी हुई। पद्म पुरस्कार विजेता, वे एक प्रतिष्ठित हिंदी और पंजाबी भाषाविद् हैं। उन्होंने जापान के लोगों के बीच भारतीय संस्कृति और साहित्य को लोकप्रिय बनाने के लिए कई प्रयास किए हैं। वहीं, प्रो. मिजोकामी ने भी पीएम के साथ मुलाकात के बाद बातचीत में प्रोफेसर ने अपने हिंदी और पंजाबी प्रेम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह बहुत लंबी कहानी है। प्रोफेसर ने अपने हिंदी प्रेम के पीछे अपने जन्म वाले इलाके कोबे में सबसे अधिक भारतीयों के रहने का जिक्र किया।

हिंदी का पंडित नेहरू वाला कनेक्शन

प्रोफेसर तोमियो मिजोकामी ने कहाकि उस वक्त अधिकतर प्रवासी भारतीय कोबे में रहते थे। उन लोगों ने मुझे प्रभावित किया। मुझे उस भाषा को लेकर जिज्ञासा थी। ऐसे में मुझे हाईस्कूल के दिनों में लगा कि मुझे भी यह भाषा सीखनी चाहिए। प्रोफेसर ने कहा कि उन दिनों पंडित जवाहर लाल नेहरू का भी दुनिया में बहुत प्रभाव था। प्रोफेसर ने कहा कि पंडित नेहरू गुट निरपेक्ष देशों के नेता थे। उस वक्त सोचा गया कि जिस देश के नेता पंडित नेहरू जी है तो क्यों ना उस देश की संस्कृति और भाषा को सीखा जाए। प्रोफेसर ने बताया कि उस समय मैं एक सुंदर भारतीय महिला के प्रति आकृष्ट हुआ था। यह भी सच है।

पंजाबी सीखने का बताया हिंदी कनेक्शन

प्रोफेसर ने कहा कि इन सभी कारणों ने हिंदी सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी से इतर भाषा सीखने की ललक थी। अंग्रेजी से इतर एशिया की भाषा। प्रोफेसर ने कहा कि चीनी तो जापान में प्रचलित भाषा है। अरबी तो बहुत दूर की भाषा है। बीच में भारत पड़ता है। पंजाबी भाषा का जिक्र करने पर प्रो. तोमियो मिजोकामी ने कहा, पंजाबी बोल सकदा हां, चंगी तरह बोल सकदा हां। उन्होंने कहाकि मैंने हिंदी की वजह से पंजाबी सीखी। उन्होंने पंजाबी में ही कहा कि ये दोनों भाषा मिलती जुलती है।

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