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गौतम गंभीर ने WTC फाइनल में हार पर बुरी तरह धोया, खिलाड़ी से बोर्ड तक सभी का मुंह नोच लिया

नई दिल्ली: भारतीय टीम दुनिया की नंबर वन क्रिकेट टीम मानी जाती है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड वर्ल्ड क्रिकेट पर रूल कर रहा है। क्रिकेट का मतलब ही भारत माना जाता है। यह दुर्भाग्य ही है कि 2013 के बाद से टीम इंडिया ने कोई भी आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीती है, जबकि 4 बार खिताबी मुकाबले में पहुंचने के बाद हार मिली। फैंस गुस्सा हैं और उतना ही गुस्से में पूर्व क्रिकेटर भी हैं। पूर्व धाकड़ ओपनर गौतम गंभीर ने बुरी तरह धोया है।

भारत इंडिविजुअल खिलाड़ियों से ऑब्सेस्सेड

उन्होंने टीम की हार और आईपीएल पर कहा- मुझे लगता है कि ये बात बहुत लोग नहीं बोलेंगे, लेकिन यह सच्च है। यह दुनिया के सामने आनी भी चाहिए। हमारा देश किसी टीम को लेकर जुनूनी नहीं हैं, बल्कि वो एक-एक इंडिविजुअल खिलाड़ियों को लेकर क्रेजी है। यहां खिलाड़ी को टीम से बड़ा माना जाता है, जबकि इंग्लैंड, न्यूजीलैंड सहित अन्य देशों में ऐसा नहीं है। यही कारण है कि हमने लंबे समय से आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीती है। हम टीम से ज्यादा खिलाड़ी से ऑब्सेस्सेड रहते हैं।

बोर्ड के स्टेकहोल्डर्स PR हैं
यही नहीं, उन्होंने न्यूज18 हिंदी पर बीसीसीआई पर हमला बोलते हुए कहा- यहां तक भारतीय क्रिकेट बोर्ड के स्टेकहोल्डर्स भी पीआर की तरह काम करते हैं। ब्रॉडकास्टर को ही ले लीजिए। अगर 3 खिलाड़ियों ने अच्छा किया है तो वो उसी का गुणगान करते रहेंगे। इससे लोगों को लगता है कि इन्हीं की वजह से मैच जीता गया, लेकिन यह टीम गेम है। उल्लेखनीय है कि ऑस्ट्रेलिया ने भारत को द ओवल में 209 रनों से हराकर आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया।

यूं घुटने टेक दिए स्टार खिलाड़ी
शनिवार को स्टंप्स के वक्त तक केवल 40 ओवर्स में 164 रन बन गए थे। लेजंड विराट कोहली तेज-तर्रार 44 रन बनाकर क्रीज पर थे। उनका साथ निभा रहे थे टीम इंडिया के संकटमोचक अजिंक्य रहाणे। पांचवें दिन कम से कम 90 ओवर्स का खेल होना था। हाथ में सात विकेट थे और रन चाहिए थे ‘बस’ 280! इन आंकड़ों के परिप्रेक्ष्य में भारतीय क्रिकेट-प्रेमियों की उम्मीदें जवां हो गई थीं। संडे को इतिहास रचने की आस लगाए बैठे तमाम भारतीयों को टीम इंडिया ने एक बार फिर निराश किया।

विराट-रहाणे भी नहीं कर सके कमाल
पूरे दिन के संघर्ष और जीत के लिए आखिरी इंच तक लगा देना तो दूर, टीम एक सेशन में ही सिमट गई। ऑस्ट्रेलिया ने भारत के बाकी बचे सात विकेट झटकने के लिए केवल 23.3 ओवर्स लिए। भारतीय टीम 209 रन से यह मैच हार गई और इस तरह ऑस्ट्रेलिया की टीम पहली बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीतने में सफल रही। चौथे दिन तेज गति से रन बनाने वाले विराट और रहाणे ने पांचवें दिन फूंक-फूंककर कदम बढ़ाए। जीत के लिए 444 रन का वर्ल्ड रिकॉर्ड टारगेट भारत के सामने था।

स्कॉट बोलैंड सबसे खतरनाक
सुबह के पहले छह ओवर्स दोनों खिलाड़ियों ने ठीक-ठाक निकाले। सातवें ओवर में ऑस्ट्रेलिया के जादुई बोलर स्कॉट बोलैंड ने अपना कमाल दिखाया। उन्होंने तीन गेंदों के भीतर विराट और रविंद्र जडेजा को पविलियन लौटा दिया। भारतीय टीम तीन विकेट पर 179 से पांच विकेट पर 179 पर पहुंच गई। भारत की दूसरी सबसे बड़ी उम्मीद रहाणे (46) को मिचेल स्टार्क ने चलता किया तो निचले क्रम के बैटर्स नाथन लियोन का शिकार बने। भारत ने सात विकेट 70 रन के भीतर गंवा दिए और दूसरी पारी में टीम 234 रन पर सिमट गई।

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