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ऑस्ट्रेलिया के लिए सुस्त पिच, पाकिस्तान के खिलाफ फ्लैट तो इंग्लैंड को रैंक टर्नर में फंसाएगा भारत

नई दिल्ली: नौ शहर और इतने ही विरोधी। भारतीय क्रिकेट टीम को अपना तीसरा वर्ल्ड कप जीतने के लिए लगभग 10 हजार किमी की यात्रा करनी होगी। आईसीसी ने मंगलवार यानी 27 जून को भारत की मेजबानी में खेले जाने वाले 50 ओवर वर्ल्ड कप के शेड्यूल का ऐलान कर दिया। ओपनिंग मैच 5 अक्टूबर को खेला जाएगा। भारत अपने अभियान की शुरुआत 8 अक्टूबर से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करेगा। ऐसे में चलिए एक नजर डालते हैं, टूर्नामेंट में टीम इंडिया के पांच बड़े मुकाबलों की पिच पर। हर विरोधी के लिए भारत में एक अलग और खास ट्रैक तैयार हो रहा है।

भारत vs ऑस्ट्रेलिया @चेन्नई, 8 अक्टूबर, 2 PM

एमए चिदंबरम स्टेडियम की तैयारियां आखिरी पड़ाव पर चल रही है। लोअर टावर में नई LED लाइट्स लग रहीं हैं। तमिलनाडु क्रिकेट संघ ने पिच भी नए सिरे से तैयार की है। पिच की खुदाई कर उसमें लाल मिट्टी भरी गई है। भारत के दूसरे सबसे पुराने स्टेडियम में भारतीय टीम अबतक 300 का आंकड़ा पार नहीं कर पाई है। इस साल की शुरुआत में भारत को यहां ऑस्ट्रेलिया से हार झेलनी पड़ी थी। अक्टूबर के शुरुआती दिनों में ओस कोई बड़ा फैक्टर नहीं होगा। मैच बढ़ने के साथ पिच धीमी होती चली जाती है, ऐसे में टीमें टॉस जीतकर पहले बैटिंग ही चुनेंगी।

भारत vs पाकिस्तान @अहमदाबाद, 15 अक्टूबर, 2 PM​

एक लाख 30 हजार दर्शक क्षमता वाले दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम में दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट राइवलरी देखने मिलेगी। साल 2021 में अत्याधुनिक सुविधाओं से सजाकर मोटेरा स्टेडियम का नया नाम नरेंद्र मोदी स्टेडियम रखा गया था। इस मैदान पर साल 1984 से इंटरनेशनल मुकाबले हो रहे हैं। भारत का यह 50-50 का रिकॉर्ड रहा है। 18 में से 10 मैच में जीत मिली है। बड़े आउटफील्ड के चलते यहां स्पिनर्स गेंदबाजी करना पसंद करते हैं। यहां कुल 14 पिच हैं। पुनर्निर्माण के बाद टीम इंडिया ने लगभग हर फॉर्मेट में यहां खूब मैच खेले हैं। गेंदबाजी पाकिस्तान का सबसे मजबूत पक्ष है, ऐसे में रोहित शर्मा की टीम के लिए फ्लैट पिच के साथ ही जाएगी। भारत अपने घर पर काली मिट्टी की पिचों पर खेलना पसंद करता है, जिसमें कम उछाल और धीमापन होता है। भारत के अधिकांश पुराने मैदानों की तरह अहमदाबाद में भी कुछ अपवादों को छोड़कर बहुत बड़े स्कोर बनते नहीं देखे गए हैं।

भारत vs न्यूजीलैंड @धर्मशाला, 22 अक्टूबर, दोपहर 2 PM​

यह मुकाबला वर्ल्ड कप में भारत के सबसे मुश्किल मैच में से एक हो सकता है। धर्मशाला के हालात न्यूजीलैंड को घरेलू मैदान का अनुभव करवाते हैं। समुद्र तल से 1317 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मैदान पर भारत की सबसे उछालभरी और तेज पिचो मिलती है। कीवी टीम के पास घातक पेस बोलिंग अटैक है। धर्मशाला का मैदान भी बीते कुछ साल पहले ही अस्तित्व में आया है। स्क्वायर और आउटफील्ड को हाल ही में फिर से तैयार किया गया है, और भारत ने 2017 के बाद से एकदिवसीय मैच नहीं खेला है। भारत ने यहां अबतक सिर्फ चार वनडे ही खेले हैं, जिसमें से दो में जीत मिली है। अगर सूरज निकला तो बल्लेबाजों को मदद मिलेगी। मगर दिन ढलने के बाद ठंड बढ़ती है। तेज हवाएं चलनी शुरू हो जाती है। ओस के साथ बाद में बोलिंग करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

​भारत vs इंग्लैंड @लखनऊ, 29 अक्टूबर, 2 PM

आईपीएल में धीमी और सुस्त पिच बनाने के चलते आलोचना झेलने के बाद यूपीसीए ने एकाना स्टेडियम को नए सिरे से तैयार करवाया है। यह भी भारत के नए मैदानों में से एक है। भारत ने यहां खेलने के लिए इंग्लैंड जैसी सही टीम चुनी है क्योंकि सभी को उम्मीद होगी कि उनके स्पिनर्स अंग्रेजों पर लगाम कस सकेंगे। टीम इंडिया को यहां वनडे मुकाबले खेलने का आधा-अधूरा अनुभव है, ऐसे में डिफेंडिंग चैंपियंस इंग्लैंड से पार पाना कतई आसान नहीं होगा। अफगानिस्तान एकाना स्टेडियम को अपने घरेलू मैदान की तरह इस्तेमाल करता है। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए उसके तीन एकदिवसीय मैच लो स्कोरिंग ही रहे। काली मिट्टी से बनी एकाना की पिच में स्पिनर्स और गेंद की गति को समझना अहम होगा।

भारत vs साउथ अफ्रीका @कोलकाता, 5 नवंबर, 2 PM​

भारत के ऐतिहासिक मैदानों में से एक कोलकाता के ईडन गार्डंस में साउथ अफ्रीका से टक्कर होनी है। सिटी ऑफ जॉय के नाम से मशहूर कोलकाता में दर्शकों का हुजुम उमड़ता है। टीम इंडिया ने अबतक यहां 22 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें से 13 जीते हैं। लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत हासिल करना यहां असंभव ही माना जाता है। 20 मार्च, 2011 से सितंबर 2017 तक, पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों ने लगातार छह मैचों में जीत हासिल की। बीते कुछ सालों में ईडन गार्डंस की पिच तेज गेंदबाजों को मदद करने वाली सतह में बदल चुकी है। ऐसे में साउथ अफ्रीका भी यहां टक्कर देने की स्थिति में नजर आता है। ओस निश्चित रूप से यहां एक बड़ा फैक्टर होगा।

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