National

दिल्ली को लेकर कैसे केजरीवाल के ‘इंद्रजाल’ में फंस गए राहुल, इस एक कार्टून से समझिए

नई दिल्ली: दिल्ली को लेकर केंद्र के अध्यादेश खिलाफ आम आदमी पार्टी (AAP) को कांग्रेस (Congress) का साथ मिलेगा या नहीं यह अब तक क्लियर नहीं है। कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि स्टेट टीम और समान विचारधारा वाली पार्टियों से बात करने के बाद ही वह कोई फैसला करेगी। अध्यादेश (Ordinance) के खिलाफ अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने विपक्षी दलों से समर्थन मांगा है। AICC महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस ने अध्यादेश के मुद्दे पर कोई फैसला नहीं किया है। पहले दिल्ली यूनिट से इस बारे में बात होगी। पार्टी कानून के शासन में विश्वास करती है और साथ ही साथ किसी भी राजनीतिक दल की ओर से राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ झूठ पर आधारित अनावश्यक टकराव को भी सही नहीं मानती। कांग्रेस की ओर से इस टिप्पणी में AAP को समर्थन के साथ ही नसीहत वाली बात भी दिख रही है।

कांग्रेस के लिए इस मुद्दे पर फैसला करना भी कोई आसान काम नहीं है। अपने नेताओं की भावनाओं को देखते हुए यह और भी मुश्किल हो जाता है। दिल्ली कांग्रेस नेता अजय माकन और संदीप दीक्षित ने हाल के दिनों के बयान से इसको समझा जा सकता है। दिल्ली वाल मुद्दा सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच हुई बैठक में भी उठा। AAP सांसद संजय सिंह ने कह कि यह अग्निपरीक्षा का समय है और कांग्रेस को यह तय करना होगा कि वह लोकतंत्र, भारतीय संघीय ढांचे के साथ खड़ी है या उसके खिलाफ खड़ी है।

कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने पिछले सप्ताह दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया था। हमारा स्टैंड वही है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सही था। उन्होंने कहा कि अजीब है कि सरकार पहले अध्यादेश लेकर आई लेकिन कोर्ट में रिव्यू पिटीशन भी दाखिल कर रही है। संसद में इस अध्यादेश पर बीजेपी का कहना है कि बहुमत उसके पास है। हालांकि लोकसभा में बीजेपी के पास बहुमत है लेकिन राज्यसभा में वह बहुमत के आंकड़े से दूर है।

राज्यसभा में एनडीए को बीजेडी और जगन मोहन की पार्टी से उम्मीद है। एक ओर दिल्ली का मुद्दा है वहीं 2024 के चुनावों के लिए विपक्ष के संयुक्त मोर्चे के मुद्दे पर मंथन जारी है। कांग्रेस का कहना है कि समान विचारधारा वाले दलों के साथ बैठक का फैसला एक दो दिन में होगा। इससे पहले बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने संकेत दिया था कि वह पटना में बैठक बुलाएंगे। पिछले दो महीनों में नीतीश कुमार और खरगे-राहुल के बीच सोमवार को दूसरी मुलाकात थी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Популярність запиту ігрові автомати на гроші з виводом на карту пояснюється швидкістю результатів. Короткі ігрові сесії та миттєві виплати роблять цей формат особливо привабливим.

bettilt bettilt bettilt giriş pinup pinco pinco bahsegel bahsegel giriş paribahis giriş paribahis casinomhub rokubet slotbey marsbahis casino siteleri