31 मई तक सहकारी समितियों का ऋण चुकाने वाले किसान नहीं होंगे अपात्र

भोपाल । समर्थन मूल्य पर सरकार को गेहूं बेचने वाले किसान सहकारी समितियों का ऋण 31 मई तक चुका सकेंगे। इस अवधि में जो किसान ऋण चुका देगा, वे अपात्र नहीं होंगे। यह अवधि 30 अप्रैल थी लेकिन गेहूं उपार्जन की अवधि सरकार ने 20 मई कर दी थी। इसके कारण किसान को भुगतान विलंब से हुआ और वे पूर्व निर्धारित समय पर ऋण नहीं चुका पाए।इससे ये अपात्र हो रहे थे लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐसे किसानों को एक अवसर और देना का निर्णय लिया है।
सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसान खरीफ फसलों के लिए जो ऋण लेते हुए हैं, उसे 28 मार्च तक चुकाना होता है। यदि इस अवधि में किसान ऋण नहीं चुकाते हैं तो वे आगे बिना ब्याज के ऋण प्राप्त करने के लिए अपात्र हो जाते हैं। ओलावृष्टि और वर्षा के कारण उपार्जन का कार्य प्रभावित हुआ।
इसके कारण किसान समय पर ऋण नहीं चुका पा रहे थे, इसे देखते हुए विभाग ने अंतिम तिथि 28 मार्च से बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दी थी लेकिन उपार्जन का काम 20 मई तक चला। इसके कारण किसान अपात्र न हो जाएं, इसलिए ऋण चुकाने की अवधि को एक बार फिर बढ़ाकर 31 मई कर कर दिया है। यह सुविधा केवल उन किसानों को दी गई है, जिन्होंने समर्थन मूल्य पर उपज बेची है।



