TDS और TCS को जोड़ने जा रही सरकार, टैक्सपेयर्स को मिलेगी राहत, जानिए क्या होगा फायदा

नई दिल्ली: सरकार ने टैक्सपेयर्स को राहत देने के लिए टीडीएस (TDS) और टीसीएस (TCS) को जोड़ने की तैयारी की है। सरकार किसी भी शख्स की इनकम के स्रोत पर की गई कर कटौती (TDS) से उसके भुगतान के लिए स्रोत पर कर संग्रह (TCS) को आपस में जोड़ देगी। मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) अनंत नागेश्वरन का कहना है कि सरकार, आपके टीडीएस को टीसीएस से इस तरह से जोड़ने की कोशिश में है कि अगर आपने टीसीएस दिया है तो वह कम टीडीएस के रूप में नजर आए। इस पूरी कवायद का मकसद यह है कि आपके नकद प्रवाह पर कोई असर न पड़े। नागेश्वन ने सीआईआई के एक कार्यक्रम में कहा कि टीसीएस और टीडीएस के बीच कोई मेल न होने से परेशान होने वाले टैक्सपेयर्स को नई व्यवस्था से राहत मिलेगी।
गौरतलब है कि टीडीएस का मतलब होता है कि किसी व्यक्ति की आय के स्रोत पर की गई कर कटौती और (टीसीएस) का मतलब भुगतान के स्रोत पर टैक्स कलेक्शन है। सरकार की यह कोशिश ऐसे समय सामने आई है जब विदेशों में एक खास सीमा से अधिक खर्च पर एक जुलाई से 20 प्रतिशत टीसीएस की व्यवस्था लागू होने जा रही है।
क्यों करना चाहती है सरकार
टैक्स एक्सपर्ट सुशील अग्रवाल ने कहा कि टीडीएस को टीसीएस से जोड़ने के बाद सरकार किस तरह की राहत टैक्सपेयर्स को देगी, अभी यह साफ नहीं है। हो सकता है कि अगर टीसीएस कट रहा है तो टीडीएस की कटौती में राहत दें ताकि कैश का प्रवाह ब्लॉक न हो। इस बारे में तभी कुछ कहा जा सकता है कि जब वित्त मंत्रालय इस बारे में सारी जानकारी सार्वजनिक करे।
लागू होने जा रही नई व्यवस्था
बता दें कि सरकार की यह कोशिश ऐसे समय सामने आई है, जब विदेश में 7 लाख से अधिक खर्च पर एक जुलाई, 2023 से 20 फीसदी टीसीएस की व्यवस्था लागू होने जा रही है। सीईए ने कहा, सरकार ने 7 लाख रुपये तक के लेनदेन को टीसीएस से बाहर रखा है। इससे छोटे करदाताओं को राहत मिलेगी। इसका मतलब यह भी है कि ज्यादातर लेनदेन 20% टीसीएस के दायरे में नहीं आएंगे।


