जी-20 का सी-20 सेवा सम्मेलन आज से भोपाल में, सेवा के क्षेत्र में विश्व में भारत के योगदान पर होगा मंथन

भोपाल। भारतीय संस्कृति की आत्मा सेवा भाव से भरी हुई है, जिसकी झलक तिलक से लेकर आंबेडकर तक दिखाई देती है। भारतीय चिंतन के केंद्र बिंदु में हमेशा सेवा रही है। वसुधैव कुटुंबकम के उद्देश्य को लेकर सेवा के क्षेत्र में भारत के विश्व में योगदान पर जी-20 के अंतर्गत सी-20 सेवा कार्यकारी समूह के सेवा सम्मेलन में गहन विचार मंथन किया जाएगा। यह बात शुक्रवार को भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के अध्यक्ष डा. विनय सहस्त्रबुद्धे ने कही।
उन्होंने बताया कि शनिवार (एक जुलाई) से कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर भोपाल में होने वाले दो दिवसीय सी-20 सेवा कार्यकारी समूह के सेवा सम्मेलन का शुभारंभ सोमवार को सुबह 10 बजे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री ओम प्रकाश सखलेचा करेंगे। इस दौरान खलीफा बिन जायेद अल नाहयन फाउंडेशन के जनरल डायरेक्टर एचई मोहम्मद हाजी अल खूरी और आइएसआरएन के सीईओ और सेवा समिट के राष्ट्रीय समन्वयक संतोष गुप्ता मौजूद रहेंगे। समिट का पहला सत्र दोपहर 12 से शुरू होगा।
डा. सहस्त्रबुद्धे ने समिट की जानकारी देते हुए बताया कि इस समिट में सेवा क्षेत्र से जुड़े सभी आयामों पर मंथन कर वैश्विक स्तर पर शांति और विकास की दिशा तय की जाएगी।
जनभागीदारी से जोड़ा जा सकता है समाज के सभी वर्गों को
विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की वाइस प्रेसीडेंट निवेदिता भिड़े दीदी ने कहा कि जन-भागीदारी के जरिए समाज के सभी वर्गों को जोड़ा जा सकता है। सेवा भारत की मूल आत्मा है। नि:स्वार्थ सेवा का भाव उत्पन्न कर लोगों को जागृत और एकजुट करने का प्रयास सी-20 समिट में किया जाएगा। यह समिट मध्य प्रदेश में सेवा, परोपकार और स्वैच्छिकता की भावना के साथ आयोजित हो रहा है। जी-20 एक अंतरराष्ट्रीय मंच है, जिसमें दुनिया की प्रमुख अर्थ-व्यवस्थाएं, केंद्रीय बैंक और अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल हैं।
सेवा ही सर्वोच्च धर्म है विषय पर होगा विचार-विमर्श
जी-20 देशों के एक विविध समूह का प्रतिनिधित्व करता है, जो सामूहिक रूप से वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 85 प्रतिशत, वैश्विक व्यापार का 75 प्रतिशत से अधिक और दुनिया की दो तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। जी-20 के आधिकारिक कार्यकारी समूह में से एक सी-20 है, जो दुनियाभर में सिविल सोसायटी संगठनों को जी-20 में विश्व नेताओं के समक्ष लोगों की आकांक्षाओं की आवाज उठाने के लिए एक मंच प्रदान करता है।
सी-20 सेवा सम्मेलन में सेवा ही सर्वोच्च धर्म है विषय पर विचार-विमर्श होगा। संतोष गुप्ता ने कहा कि सी-20 मंच ने 57 समाजशाला और 81 चौपाल जैसे कई सामाजिक आउटरिच कार्यक्रम किए हैं। सेवा की भावना, परोपकार और स्वैच्छिकता को केंद्र में रखते हुए दो लाख से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किए गए हैं। सी-20 समिट सेवा क्षेत्र पर नीतिगत संक्षिप्त चर्चा के साथ सम्पन्न होगा।



