World

भारतीय रुपए के आगे मजबूर रूस, पुतिन का बड़ा संकट भारत के लिए कैसे बन सकता है मौका, समझें

मॉस्‍को: यूक्रेन की जंग के बाद प्रतिबंधों में घिरे रूस के सामने रुपए को कैसे प्रयोग किया जाए, यह समस्‍या खड़ी हो गई है। लेकिन दूसरी तरफ विशेषज्ञों की मानें तो रुपए के भारी भंडार को प्रयोग करने के लिए निवेश को और बढ़ाना पड़ सकता है। एक अनुमान के मुताबिक इस समय रूस के पास दो अरब डॉलर से ज्‍यादा की धनराशि इकट्ठी हो गई है जो रुपए में है। सूत्रों की मानें तो रूस के पास देश से बाहर इस पैसे को लेकर जाने का विकल्‍प खत्‍म होता जा रहा है। भारत और रूस के बीच तेल के व्‍यापार यूक्रेन जंग के बाद तेजी से बढ़ा है। मगर रूस रुपए में पेमेंट लेने से कतरा रहा है।

ईरान से जुड़ा प्रस्‍ताव खारिज

सूत्र की मानें तो भारत ने रूस की तरफ से आए उस प्रस्‍ताव को मानने से इनकार कर दिया है जिसमें ईरान का जिक्र था। रूस की तरफ से प्रस्‍ताव में ईरान को भारतीय सामान आयात करने और रूस के पास जमा रुपए के भंडार का प्रयोग करने का जिक्र था। भारत का मानना है कि इस प्रस्‍ताव से कई राजनयिक जोखिम जुड़े हुए हैं। इसके अलावा ईरान फाइनेंशियल एक्‍शन टास्‍क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे लिस्‍ट में है। साथ ही यूएई के बैंकों पर पश्चिमी देशों की नजर है। यहां पर होने वाले मुद्रा लेनेदेन की जांच की वजह से रुपए के भंडार को दिरहम में बदलने का रास्‍ता भी बंद हो चुका है। बिजनेस लाइन ने सूत्रों के हवाले से लिखा है, ‘ रूस इस समय मजबूर है क्योंकि उसे भारत में जमा रुपए के भंडार को बाहर निकालना मुश्किल हो गया है।

ईरान से क्‍यों है परहेज
आयात के भुगतान के लिए इसका उपयोग करने में भी वह सक्षम नहीं है क्योंकि गुणवत्ता जैसे मसलों की वजह से वह भारत से ज्‍यादा खरीद नहीं कर रहा है। ऐसे में अब रूस को सरकारी प्रतिभूतियों और भारतीय इक्विटी बाजार में अधिक निवेश करने पर विचार करना होगा और वह हमेशा इससे परहेज करता आया है।’ ईरान इस बात पर राजी था कि रूस से मिली रकम की मदद से वह भारतीय सामान खरीदेगा। ईरान इस बात पर भी राजी था कि रूस से सामान जैसे एयरक्राफ्ट के उपकरण, आयात करके वह अपना अकाउंट पुतिन सरकार के साथ खोल लेगा। मगर भारत ने इसे मानने से इनकार कर दिया है। सूत्रों की मानें तो यह कूटनीतिक तौर पर बुद्धिमान कदम नहीं होता क्‍योंकि रूस, यूक्रेन युद्ध में ईरानी ड्रोन का प्रयोग कर रहा है।रूस उठा सकता है यह कदम
रूस के पास जमा रुपया सिर्फ रक्षा खरीद और बिक्री के कारण ही है। भारत रूसी तेल की खरीद कड़ी मुद्राओं का प्रयोग करके कर रहा है। भारत ने रूस से हथियारों और सैन्य उपकरणों को सक्रिय रूप से खरीदना जारी रखा है। रूस की समाचार एजेंसियों के मुताबिक करीब 10 अरब डॉलर की कीमत के ऑर्डर दिए गए हैं। माना जा रहा है कि रूस को अब अपने पास मौजूद रुपए के भंडार को भारत सरकार की प्रतिभूतियों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश करने की आवश्यकता होगी। रूसी कंपनियां भारत में ऑपरेशन शुरू करने पर भी विचार कर सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Популярність запиту ігрові автомати на гроші з виводом на карту пояснюється швидкістю результатів. Короткі ігрові сесії та миттєві виплати роблять цей формат особливо привабливим.

bettilt bettilt bettilt giriş pinup pinco pinco bahsegel bahsegel giriş paribahis giriş paribahis casinomhub rokubet slotbey marsbahis casino siteleri