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योग आज वैश्विक पर्व बन गया है: उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़

उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने कहा है कि हमारा योग आज वैश्विक पर्व बन गया है. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आज विश्व के हर कोने में यह जीवंत हो रहा है. यह हर भारतीय के लिए गौरव का क्षण है और इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी बधाई के पात्र हैं, जिन्होंने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखा. विश्व के 193 देशों ने इसका समर्थन किया. संयुक्त राष्ट्र द्वारा 11 दिसंबर 2014 को यह घोषणा की गई कि हर वर्ष 21जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाएगा और इसी के साथ योग के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का भागीरथी प्रयास सफल हुआ.

उपराष्ट्रपति श्री धनखड़ ने कहा कि आज हम 9 वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं. प्रधानमंत्री श्री मोदी आज अमेरिका में यहां के समय के अनुसार सायं 5:30 बजे संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रांगण में सामूहिक योग कार्यक्रम में भाग लेंगे, जिसमें दुनिया के 180 देश शामिल होंगे. यह भारत की गरिमा एवं महिमा को अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति है. यह सारी दुनिया के लिए भारत के प्रति सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है.

9वें अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर आज देश का मुख्य कार्यक्रम जबलपुर के गैरिसन ग्राउंड में आयोजित किया गया । यहॉं उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ की गरिमामय उपस्थिति में करीब 15 हजार लोगों ने एक साथ योगाभ्यास किया.

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का वीडियो संदेश दिया.

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि योग आज वैश्विक आंदोलन, ग्लोबल स्पिरिट बन गया है. उन्होंने कहा कि आज ऐतिहासिक और अभूतपूर्व अवसर है, जब भारत के आह्वान पर विश्व के 180 से अधिक देश संयुक्त राष्ट्र संघ के योग दिवस कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे. आज समूचे विश्व में योग का कार्यक्रम “ओशन रिंग ऑफ योगा” आयोजित किया जा रहा है, इसमें करोड़ों लोग शामिल हो रहे हैं, पृथ्वी के दो ध्रुव जुड़ रहे हैं. जो पूरे विश्व को एक साथ जोड़े वह योग है. यह हमारी “वसुधैव कुटुंबकम” अर्थात सारा विश्व एक परिवार की संस्कृति है. योग से स्वास्थ्य, दीर्घायु, बल और सुख की प्राप्ति होती है. योग की उर्जा से चारों तरफ कल्याण होता है. योग हमें जीव मात्र की एकता का एहसास कराता है. यह प्राणी मात्र के प्रेम का आधार है. योग के जरिए हम अंतर्विरोधों, गतिरोध और प्रतिरोधों को खत्म कर सकते हैं. कर्मों में कुशलता ही योग है. अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पण से योगसिद्धि मिलती है, योग के जरिए निष्काम कर्म होते हैं. उन्होंने पूरी दुनिया को योग दिवस की शुभकामनाएं दीं.

उपराष्ट्रपति श्री धनखड़ ने कहा कि योग स्वस्थ्य जीवन की पूंजी है और स्वास्थ हमारी पूंजी.योग जीरो प्रीमियम पर फुल हेल्थ इंश्योरेंस है। हमें अपनी क्षमता को पूर्ण रूप से मानवता की सेवा के लिए लगाने के लिए स्वस्थ रहना आवश्यक है और स्वस्थ रहने के लिए योग आवश्यक है। पहला सुख निरोगी काया है. योग शरीर मन और आत्मा की एकता का प्रतीक है.

उपराष्ट्रपति श्री धनखड़ ने कहा कि योग किसी एक जाति के लिए नहीं बल्कि संपूर्ण मानवता के कल्याण के लिए है. आज अच्छे स्वास्थ्य के साथ यह एक महत्वपूर्ण हुनर भी बन गया है, जिसके माध्यम से दुनिया भर में अच्छा केरियर बनाया जा सकता है. आज सारी दुनिया को अच्छे योग प्रशिक्षकों की आवश्यकता है.

उपराष्ट्रपति श्री धनखड़ ने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मां नर्मदा और रानी दुर्गावती की भूमि पर आकर और यहां योग कर मैं अभिभूत हूं। मेरे जीवन के ये सबसे यादगार पल है। योग एक दिन का नहीं है बल्कि हर दिन का है। यह विश्व एकता का प्रतीक है। यह भारत की वसुधैव कुटुंबकम की संस्कृति और विश्व के कल्याण की सोच का प्रतीक है। योग हजारों साल से हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। भारत में हो रही जी -20 समिट की थीम हमारी संस्कृति पर आधारित है “वन अर्थ, वन फ्यूचर एंड वन फैमिली”।

उपराष्ट्रपति श्री धनखड़ ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत विश्व के सर्वोच्च शिखर पर होगा, विश्व गुरु होगा। इस दशक के अंत तक भारत विश्व की तीसरी बड़ी शक्ति होगा। वर्ष 2022 में विश्व के बड़े देशों की तुलना में भारत में लगभग 4 गुना डिजिटल ट्रांसफर हुआ। भारत में आज 70 करोड़ इंटरनेट यूजर हैं और हमारा डाटा कंजमशन अमेरिका और चीन से भी अधिक है। उन्होंने संदेश दिया कि योग के माध्यम से स्वस्थ रहें, सुखी रहें और देश को हर हाल में सर्वोपरि रखें।

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि योग से शारीरिक मानसिक और वैचारिक स्वास्थ्य मिलता है. योग शरीर, मन, आत्मा को जोड़ने का विधान है. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को विकसित कर बीमारियों की रोकथाम करता है. इसने हमें वैश्विक आपदा कोविड से उबरने में मदद की है. यही वजह है कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने इसे स्वीकार करके इसकी उपयोगिता सिद्ध की है. आज योग की पहचान पूरे विश्व में है. उन्होंने युवाओं से कहा कि उनके कैरिअर और जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए योग सशक्त माध्यम साबित होगा. योग को अपने जीवन में अंगीकार करें, सात्विक एवं संतुलित आहार ग्रहण करें. योग के नियमित अभ्यास से विचारों में दुनिया के प्रति सकारात्मक बदलाव आयेगा।

मुख्‍यमंत्री श्री चौहान कहा आज संस्कारधानी जबलपुर, प्रदेश, देश ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व योगमय हो गया है और इसका श्रेय जाता है प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को, जो आज स्वयं संयुक्त राष्ट्र संघ में दुनिया लिए योग का नेतृत्व कर रहे हैं। योग की इस विधा को जन -जन तक पहुँचने का कार्य प्रधानमंत्री द्वारा किया जा रहा है. भारत की यह प्राचीन विधा विश्व कल्याण के लिए है. हज़ारों वर्ष पूर्व से अपनाई जा रही हमारी वसुधैव कुटुंबकम् की अवधारणा संदेश देती है कि सारी दुनिया हमारा परिवार है. मनुष्य को हमने जियो और जीने दो का संदेश दिया है, हमारे ऋषि मुनियों ने सर्वे भवन्तु सुखिनः के माध्यम से बताया है कि पहला सुख निरोगी काया है और इसके लिए योग से बड़ा साधन कोई नहीं है। उन्होंने महर्षि पतंजलि को प्रणाम करते हुए उनके अष्टांग योग का उल्लेख किया।

मुख्‍यमंत्री ने कार्यक्रम में सभी का आह्वान किया कि हमें केवल योग दिवस पर योग नहीं करना है, बल्कि इसे अपनी जीवन शैली का हिस्सा बनाना है। यही ऊर्जा देश के विकास में लगानी है. स्वस्थ रहकर ही हम देश की सेवा कर सकते हैं। उन्‍होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री मोदी और मैं प्रतिदिन योग करते है. प्रदेश सरकार ने फ़ैसला लिया है कि सभी विद्यालयों में योग की शिक्षा को अनिवार्य किया गया है।

केंद्रीय आयुष मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि आज योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। वर्ष 2014 से प्रारंभ हुई यह योग यात्रा आज भी जारी है इस यात्रा की उपलब्धि यह है कि इसमें जन सहभागिता अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है। अब यह जन -आंदोलन का रूप धारण कर चुका है। श्री सोनोवाल ने कहा कि इस बार का अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कई मायनों में विलक्षण है। इसमें ओशन रिंग, योग भारतमाला, योग सागरमाला जैसे कार्यक्रम भी होंगे। आर्कटिक से लेकर अंटार्कटिका महासागर तक के क्षेत्र में योग प्रदर्शन और प्रमुख मेरिडियन लाइन (Prime Meridian Line), उस पर पड़ने वाले और उस लाइन के आसपास के 40 से अधिक देशों में योग प्रदर्शन होगा।

केंद्रीय इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, केंद्रीय जल शक्ति एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, केंद्रीय आयुष तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ मुंजपरा महेंद्रभाई, प्रदेश के आयुष (स्वतंत्र प्रभार) तथा जल संसाधन राज्य मंत्री श्री रामकिशोर “नानो” कावरे, सांसद श्री वीडी शर्मा, सांसद श्री राकेश सिंह, राज्‍यसभा सदस्‍य श्रीमती सुमित्रा बाल्मिकी, विधायक श्री अजय विश्‍नोई एवं श्री अशोक रोहाणी, श्री रामचन्द्र मिशन के अध्यक्ष श्री कमलेश पटेल “दाजी” भी गणमान्य अतिथियों में शामिल थे।

गैरिसन ग्राउंड में देश के मुख्य कार्यक्रम का शुभारम्भ सुबह 6 बजे राष्ट्रगान से हुआ। कार्यक्रम स्थल पर एलईडी स्क्रीन के जरिये मंच से योग प्रशिक्षकों के प्रसारित सन्देश पर एक साथ योगाभ्यास हुआ । कार्यक्रम में भारत सरकार द्वारा तय कॉमन योगा प्रोटोकॉल के अनुसार योग की विभिन्न मुद्राओं एवं प्राणायाम का अभ्यास किया गया । गैरिसन ग्राउंड में देश के मुख्य कार्यक्रम के साथ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पूरे प्रदेश में सामूहिक योगाभ्यास के कार्यक्रम सभी सार्वजनिक स्थलों, खुले मैदानों, उद्यानों, स्कूल-कॉलेजों एवं ऐतिहासिक तथा पुरामहत्व के स्थलों में भी आयोजित किये गये। ग्राम पंचायत स्तर तक गैरिसन ग्राउंड के राष्ट्रीय कार्यक्रम से दूरदर्शन और आकाशवाणी से प्रसारित संदेशों पर योगाभ्यास किया गया। इनमें समाज के सभी वर्ग ,सभी समुदाय और हर आयु वर्ग के लोग शामिल हुये। घर और आंगन में भी योग का अभ्यास लोगों ने किया.

कार्यक्रम का देश भर में तथा विश्व के कई देशों में सीधा प्रसारण किया गया । कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूल और कॉलेज के छात्र, योग से जुड़ी संस्थाओं के योगाभ्यासी तथा सेना एवं होमगार्ड के जवानों ने सहभागिता की । कार्यक्रम में श्रवण एवं अस्थि बाधित दिव्यांग छात्र-छात्राओं, ट्रांसजेंडर्स तथा कैंसर एवं थैलीसीमिया की बीमारी से मुक्त हुये रोगियों ने भी समूह में योगाभ्यास किया। कार्यक्रम में उपराष्‍ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने दिव्‍यांग योगाभ्‍यासी संजय चक्रवर्ती और मनोज कश्‍यप से भी मुलाकात की।

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