मुजफ्फरपुर में अस्पताल का सीनियर क्लर्क निकला काले धन का कुबेर, निगरानी विभाग का छापा

मुजफ्फरपुर: जिले में निगरानी विभाग की सुबह सुबह हुई कार्रवाई से हड़कंप मच गया। रडार पर सदर अस्पताल था, लेकिन कोई डॉक्टर नहीं बल्कि वहां का सीनियर क्लर्क। निगरानी विभाग की टीम ने मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल के सीनियर क्लर्क सुबोध कुमार ओझा के घर और कई ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। ये छापेमारी खास तौर पर सदर थाना के खबरा इलाके में की गई। सुबोध कुमार ओझा के ठिकानों पर छापेमारी के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। निगरानी टीम की कई टीमों ने इस छापेमारी को एक साथ एक वक्त पर अंजाम दिया। सदर अस्पताल के सीनियर क्लर्क सुबोध कुमार ओझा पर आय से अधिक और अकूत संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज किया गया है। इसी केस के बाद निगरानी विभाग की टीम ने वरीय लिपिक सुबोध कुमार ओझा पर शिकंजा कस दिया।
सदर अस्पताल का क्लर्क काले धन का कुबेर!
Body सुबोध ओझा ने सदर अस्पताल से अपनी ऐसी पहचान बनाई कि आज वो किसी नाम और परिचय का मोहताज नही है। स्थानीय सूत्रों की माने तो कोरोना काल मे मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल में हुए 780 कर्मियों की बहाली और फिर बहाली की प्रक्रिया निरस्त करने के मामले में अचानक सुबोध ओझा का नाम चर्चा में आ गया था। इस मामले में बड़े स्तर पर पैसे का खेल हुआ था। स्थानीय लोगों की मानें तो सुबोध ओझा कई तरह के कारोबार कर रहे हैं। आरोप है कि सुबोध कुमार ओझा आईटीआई कॉलेज से लेकर कई प्राइवेट लिमिटेड कंपनी और योगा केंद्र भी अपने परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से चला रहे हैं। इसके अलावा सुबोध कई प्रॉपर्टी और लग्जरी गाड़ियों के साथ बेशकीमती मकान के मालिक भी हैं। हालांकि इनमें से कई संपत्तियां सुबोध ने अपने घरवालों के नाम पर इकट्ठी की है।



