सी सी एफ का उड़नदस्ता हुआ जाम अधिकारी ए सी में बैठ कर खा रहा मोतीचूर के लढ्ढू ।

वन मंड़ल भोपाल के उड़नदस्ते की रफ्तार तेज, वही संभागीय उड़नदस्ता हुआ जाम ।

आर. एस. सिंह खालसा
भोपाल. राजधानी भोपाल में वन मंडल अधिकारी भोपाल के अधीनस्थ उड़नदस्ता बड़े ही तेज रफ्तार से ताबड़तोड़ कार्यवाही करने में जुटा हुआ है उड़नदस्ता प्रभारी रेंजर अनिल शर्मा के हाथ अब लकड़ी माफियाओं के गलेवान तक पहुंच रहे हैं लगातार एक के बाद एक ताबड़तोड़ कार्यवाही करते हुए बगैर टीपी के परिवहन होने वाले लकड़ियों से भरे वाहनों को जप्त किया जा रहा है।

वहीं सूत्रों के हवाले से एक और जानकारी प्राप्त हुई है विगत एक-दो दिन पहले लकड़ी के गिट्टो से भरे हुए एक बहन को फिर धर दबोचा और उसे अहमदपुर डिपो में खड़ा कर दिया गया है एवं उसकी जांच भी प्रारंभ हो चुकी है। सूत्रों के कथन से यह भी पता चला है जिस वक्त उस वाहन को जप्त किया गया था ठीक उसी वक्त आनन-फानन में सरकार में बैठे कुछ मंत्री एवं नेताओं के फोन उड़नदस्ता प्रभारी भोपाल को आने लगे थे ,लकड़ी के गिट्टो से भरे हुए उस वाहन को छोड़ने के लिए दबाव बनाया जाने लगा लेकिन उड़नदस्ता भोपाल के रेंजर ने किसी भी तरह का भैय या दबाओ मैं ना आकर वाहन को अहमदपुर डिपो पर जप्त कर खड़ा कर दिया गया हैंं शासकीय अवकाश होने के कारण कार्यवाही ठंडे बस्ते में रखी गई है अवकाश खत्म होते ही जप्त किए गए वाहन की जांच बारीकी से प्रारंभ कर दी जाएगी।
वहीं दूसरी तरफ संभागी उड़नदस्ता और उसकी पूरी टीम भीषण गर्मी के वातावरण होने के कारण पूरी टीम चैन की बंसी बैठकर बजा रही है और अधिकारी एयर कंडीशन केबिन में बैठकर मोतीचूर के लड्डू का स्वाद बड़ा ही मजे से ले रहा है।
ज्ञातव्य हो सीसीएफ भोपाल ने नियम विरुद्ध एक वनपाल राजेंद्र राठौर को संभागीय उड़न दस्ते का प्रभारी बनाया था जिसकी खुद कथित तौर से अधिकारी ने जानकारी दी थी, वनपाल के प्रभार में आते ही पूरे संभाग में उथल-पुथल मचा दी थी जिसकी कई आरा मशीन संचालकों ने कथित तौर पर जानकारी दी थी उनका कहना था उनसे संभागीय उड़न दस्ते ने आरा मशीनों को बंद कर देने की धमकी देकर अच्छा खासा पैसा मांगा जाता था जिसकी जानकारी सभी वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को मिली थी एवं सीसीएस ने उड़नदस्ता का इस्तेमाल करने पर रोक भी लगा दी थी,कई शिकायतें भी की गई जिसे बाद में गलती सुधारते हुए सीसीएफ भोपाल ने कार्यवाही करते हुए उड़न दस्ते के प्रभार से हटा दिया था संभागीय उड़नदस्ता और भोपाल उड़नदस्ता का प्रभार एक ही रेंजर को सौंप दिया गया था।
प्रभारी रेंजर उड़नदस्ता भोपाल अपनी टीम लेकर बगैर टीपीके परिवहन करने वाले लकड़ियों से भरे वाहनों को जप्त करने की ताबड़तोड़ कार्यवाही तो कर रहे हैं लेकिन संभागी उड़नदस्ता अपने स्थान पर जाम हो गया है जिसकी वजह से राजगढ़, नरसिंहगढ़, शाजापुर, पचोर, रायसेन, और सीहोर जैसे शहरों में लकड़ी माफिया सकरीय हो गया हैं एवं वे अवैध तरीके से वृक्षों को काटकर इन शहरों की आरा मशीनों में जोरों शोरों से अपना माल खपा रहे हैं और अच्छा खासा मोटा पैसा जुटा रहे जिसका प्रमाण राजगढ़ जिले में वहां की टीम ने कई वाहनों को जप्त भी किया है।
अब सवाल..? यह है कि अगर इसी तरह संभागी उड़नदस्ता एवं उसकी टीम बैठकर चैन की बंसी बजाती रही तो लकड़ी माफिया अपनी गतिविधियों को तेज करता हुआ अपने मंसूबों को अंजाम देता रहेगा। उड़नदस्ता भोपाल की इस ताबड़तोड़ कार्यवाही मैं भोपाल के आरा मशीनों के संचालकों में भय का माहौल बना हुआ है सूत्रों के हवाले से सीसीएफ के कार्य क्षेत्र में लकड़ी माफिया अपने मंसूबों में कामयाब हो रहा है ऐसे में इन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सरकार फालतू बैठा कर इनको पूरी सुख सुविधा देने का काम क्यों कर रही है, सरकार को चाहिए लाखों रुपए की सैलरी मकान और वाहनों की सुविधा जो मौहिया कराई जा रही है आखिर उस के क्या फायदे हैं।

प्रभारी सीसीएफ उड़नदस्ता एवं भोपाल उड़नदस्ता



