चिकलोद की ब्लांक बनानें वाली फेक्ट्री में डंप होते हैं अवैध लकड़ी के गिट्टे

वर्षों से जमें वनपाल एवं डिप्टी रेंजर की जुगलबंदी से होता हैं सारा अवैध गिट्टे का कारोबार

रायसेन. अब्दुल्लागंज सामान्य वन मंडल अधिकारी के अधीनस्थ आने वाले चिकलोद रेंज में पहले पूर्व रेंजर की मनमानी और भ्रष्टाचार शिखर पर रहा है भ्रष्टाचार इतना बड़ा उक्त रेंजर का स्थानांतरण विभाग को करना पड़ा , वन विभाग के कर्मचारीयों के एक रेंज से दूसरे रेंज में तबादले किए जा चुके हैं लेकिन भ्रष्टाचार का खेल आज भी जैसे का तैसा फल-फूल रहा हैं।
इस सारे खेल का वही वनपाल मास्टर माइंड एवं संरक्षण देने वाला हैं जिस का नाम वनविभाग की भूमि पर पैसे खाकर स्थानीय लोगों को कब्जा करने के मामले में शामिल था, यहां ज्ञात करवा दें मंडीदीप औधौगिक क्षेत्र में कटी पहाड़ी स्थित जगह हैं जहां वन मंडल अधिकारी हेमंत रैकवार ने पूरी दम खम से उक्त वन विभाग की भूमि को अतिक्रमण कर्ताओं से अतिक्रमण मुक्त करने का प्रयास किया था लेकिन अफसोस राजनीति के चलते उच्च स्तरीय सपोर्ट ना मिलने के कारण वह असफल रहे हौसले आज भी उनके बरकरार है कमी है तो सिर्फ विभाग
के सपोर्ट एवं पुलिस के सपोर्ट की।
वन मंडल अधिकारी अब्दुल्लागंज के द्वारा की गई कार्रवाही में दो वनकर्मी दोसी पाएं गये थे, एक सस्पेंट हुआ था और दूसरा चतुर चालाकी से अपने आप को बचाने में कामयाब हो गया था।

चिकलोद रेंज में कई वर्षों से जमें वनपाल एवं भोपाल से स्थानांतरण होकर पहुंचे नजदीक की चिकलोद रेंज की भोजपुर सर्किल के कुछ डिप्टी रेंजरों का खुला समर्थन होने की जानकारी सूत्रों से प्राप्त हो रही हैं।

इस अवैध लकड़ी के गिट्टे के कारोबार में अबैदुल्लागंज की आरा मशीन मंडीदीप की आरा मशीन के कारोबारी एवं गौहरगंज के लकड़ी माफिया शामिल हैं, लकड़ी माफिया तो सीधे सीधे हरे-भरे वृक्षों के गिट्टे बना कर सीधे चिकलोद के आसपास की ब्लांक बनानें वाली फेक्ट्री में डंप कर पैसा कमाने में जुटे हैं तो वही दूसरी तरफ अबैदुल्लागंज, मंडीदीप के आरा मशीन मालिक भी लकड़ी माफिया से सांठगांठ कर चोरी की लकड़ी खरीद रहे हैं। अपनी अपनी आरा मशीनों पर छोटे-छोटे गिट्टे बना कर बगैर टीपी फर्जी बिलों से सारा अवैध माल बैच कर मलाई खाने में जुटे हैं। लकड़ी माफिया एवं आरा मशीन मालिक वन विभाग के छुटभइऐ कर्मचारियों को भी दो-चार चम्मच मलाई खिलाकर अपना रास्ता साफ किए हैं। सूत्रों से जानकारी मिल रही हैं वन विभाग के पीसीसीएफ मनोज अग्रवाल में इमानदारी के प्रतीक राजा हरिश्चंद्र की झलक देखी जा रही है क्या पीसीसीएफ मनोज अग्रवाल इस सारे मामलों की जमीनी स्तर पर जांच करवा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे या फिर शांति से बैठकर सारा खेल देखेंगे।

इनका कहना हैं….
“हमने कार्यवाही की थी किसी दवाव वश मजबूर हो गए हमने ऊपर चिट्ठी लिखी पुलिस बल मांगा हमें नहीं मिला अगर आज भी भारी मात्रा में पुलिस बल मिल जाए तो हम वन भूमि वापस ले सकते हैं।“
हेमंत रैकवार
वनमंडल अधिकारी अबैदुल्लागंज जिला रायसेन