मुख्य मंत्री आदित्यनाथ योगी अपना बुलडोजर कब तक चलाएंगे बलात्कारियों के घर पर

रामराज की बात करने वाले सीएम योगी कब तक गिरफ्तार करेंगे बाकी बलात्कारियों को उनके घरों पर कब चलेगा बाबा का बुलडोजर

उत्तर प्रदेश . कहने को तो उत्तर प्रदेश में राम विराजमान है, रामराज है, राम भक्त सीएम योगी की अपराधियों में दहशत है कहा जाता है , उत्तर प्रदेश में सीएम योगी ने कई बार मंच से यह घोषणाएं की हैं माफियाओं एवं अपराधियों को जड़ से खत्म कर दूंगा वास्तव में इस तरह की घोषणा का उत्तर प्रदेश के माफिया और बदमाशों में कोई खास असर देखा नहीं जा रहा है सीएम योगी का यह हवाई तीर है चल तो देते हैं लेकिन उसका असर जमीनी स्तर पर कुछ नहीं दिखाई देता।

जिसका जीता जागता उदाहरण उत्तर प्रदेश के एक गांव पिपरिया माजरा तहसील पूरनपुर के दुष्कर्म की घटना से मिलता है करीबन 27 दिन पूर्व में एक 13 वर्ष की मासूम बच्ची के साथ वही के चार अपराधियों के द्वारा दुष्कर्म जैसे घिनौनी कृत को अंजाम दिया गया उस मासूम बच्ची की इज्जत को तार तार करके समूचे सिख धर्म की पगड़ी पर काला दाग लगा दिया गुरुओं पीरों की दुहाई देने वाले, सर पर सिख धर्म की पगड़ी पहन कर सिख धर्म के अपने आप को शुभचिंतक बताने वाले मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की सरकार में पहले भी कई दुष्कर्म की घटनाओं को अंजाम दिया जा चुका है गांव पिपरीया माजरा कि इस दुष्कर्म की घटना ने उत्तर प्रदेश सरकार एवं सीएम योगी पर कई सवाल खड़े कर दिए।

27 दिन पश्चात भी दुष्कर्म के सभी आरोपियों को अभी तक योगी की पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है यह योगी सरकार की नाकामी देखी जा रही है उत्तर प्रदेश में अपराधियों के द्वारा हाट ,बाजारों स्कूल, कॉलेजो एवं सड़कों पर छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसी कई घटनाएं घट चुकी हैं , लेकिन अब उत्तर प्रदेश में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वह अब धार्मिक स्थलों के अंदर घुसकर लोगों की बहन बेटियां बच्चियों तक को उठा ले जाने लगे हैं इससे यह प्रमाणित होता है सीएम योगी का प्रशासन पूरी तरह से अपराधियों पर अंकुश जमाने में नाकाम है वह बात अलग है अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी जैसे बाहुबली लोगों को योगी सरकार ने नाश्तो नाबूत कर दिया है लेकिन लूट डकैती दुष्कर्म जैसी घटनाओं को अंजाम देने वाले अपराधी आज भी खुलेआम उत्तर प्रदेश में घूमते देखे जा रहे हैं सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई 13 वर्ष की मासूम बच्ची का पिता इस घिनौना कृत को अंजाम देने वाले फरार अपराधियों की गिरफ्तारी एवं उचित न्याय पाने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है इतना ही नहीं पीड़ित पिता एक तरफ पुलिस प्रशासन के पास से फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने एवं मुकदमा दर्ज करने के लिए गुहार लगा रहा है तो वही उल्टा पुलिस के अधिकारी पीड़ित पिता को डरा धमका रहे उसे कहा जा रहा है कि इस मामले को ज्यादा हाईलाइट ना करें।

इतना ही नहीं अति तो उस समय हो गई जब पूरनपुर एसपी अविनाश पांडे ने पीड़ित पिता को ही धमकी दे डाली पीड़ित के बार-बार पुलिस अधिकारियों के पास कार्यवाही के लिऐ जाने से एसपी अविनाश पांडे झुल्ला गए उन्होंने आव देखा न ताव आरोपियों की गिरफ्तारी की बात को दर किनार करते हुए पीड़ित पिता को धमकाने लगे उसके साथ आप शब्द का इस्तेमाल करते हुए उनके द्वारा अपमानित तो किया गया साथ में उन्हें आतंकवादी कहकर बेइज्जत भी किया उन्होंने कहा तुम अमृतपाल सिंह जैसे लोगों की सोच वाले हो तुम सारे सिख आतंकवादी हो तुम जितने भी सिख उत्तर प्रदेश में रह रहे हो सारे के सारे आतंकवादी हो अगर तुम बार-बार मेरे पास आए या तुमने इस मामले को ज्यादा हाईलाइट करने का प्रयास किया तो में उल्टा तुम्हारे ऊपर ही मुकदमा दर्ज करके जेल में डाल दूंगा।

अब यहां सवाल खड़ा होता है ????? क्या एक आईपीएस ऑफिसर की भाषा शैली इस तरह की होती है कि वह समूचे सिख समाज को लज्जित करें एवं आतंकवादी जैसे देशद्रोही शब्द का इस्तेमाल करके देश की समूची सिख समाज का अपमान करे, आईपीएस ऑफिसर अविनाश पांडे के द्वारा कहे गए इस तरह के अपमानजनक भद्दे शब्दों से देश की पूरी सिख समाज को ठेस पहुंची है समूची सिख समाज का यह अपमान है। इस तरह के अभद्र शब्दों का इस्तेमाल करने वाले पुलिस आईपीएस ऑफिसर अविनाश पांडे की करतूत से ऐसा प्रमाणित होता है की सीएम योगी का उनकी पुलिस पर किसी भी प्रकार का कोई कंट्रोल नहीं है (नाम बड़े और दर्शन छोटे) जैसी कहावत सीएम योगी के ऊपर सटीक बैठती है अगर सीएम योगी का तनिक भी प्रभाव पुलिस प्रशासन पर होता तो इस प्रकार की भाषा का प्रयोग करने से पहले आईपीएस ऑफिसर को सौ बार सोचना पड़ता।
वहीं दूसरी तरफ इस दुष्कर्म की घटना को देखते हुए समूची सिख समाज में भारतीय जनता पार्टी के प्रति आक्रोश देखा जा रहा है वहीं राष्ट्रीय सिख संगठन के अध्यक्ष सरदार जसवीर सिंह ने खबर खालसा को जानकारी देते हुए बताया सिख धर्म की सिरमौर संस्था श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघुवीर सिंह ने बयान जारी करते हुए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से इस प्रकरण में बात की है उन्होंने कहा दुष्कर्म के सभी आरोपियों को शीघ्र से शीघ्र गिरफ्तार कर पासको एक्ट की कार्रवाई करें जत्थेदार साहब ने मुख्यमंत्री योगी को चेतावनी देते हुए कहा है अगर सरकार के द्वारा कठोर से कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो फिर पंथ खालसा अपने स्तर पर कार्यवाही करेगी जिसकी जिम्मेदार योगी सरकार होगी।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघुवीर सिंह से दो दिनों का समय मांगा है वहीं दूसरी तरफ सिख सेवादार सरदार मनजीत सिंह जीके ने भी पुलिस प्रशासन के द्वारा किये जा रहे ढीले रवाईये की कड़ी आलोचना की है उन्होंने मुख्यमंत्री योगी से पूछा है उत्तर प्रदेश मैं भारतीय जनता पार्टी की सरकार है भारतीय जनता पार्टी के द्वारा यूपी में रामराज है यह योगी के उत्तर प्रदेश में कैसा रामराज जहां महिलाएं बच्चियों की इज्जतों को तार-तार किया जा रहा है रामराज में बदमाशों के इतने हौसले कैसे बड़े हुए हैं मनजीत सिंह जीके ने पूछा है योगी जी एक महीना होने को जा रहा है दोषी अभी तक क्यों नहीं पकड़े गए दोषी के घरों पर कब चलाएंगे आप बुलडोजर आप तो पढ़ लो यार बाबा हैं किसी ने भी अपराध किया और आपने उसके घर पर बुलडोजर दिया लेकिन अब आपका बुलडोजर कहां गया आपको सभी धर्म के व्यक्तियो के साथ एक सा वर्ताव रखना चाहिए अगर आप सभी वर्गों का अपना समझते हैं सिख धर्म की पगड़ी भी आप कभी-कभी पहन लेते हैं तो फिर सिख धर्म की बच्ची के साथ हुए इस दुष्कर्म के मामले में आपके द्वारा तुरंत एक्शन क्यों नहीं लिया जा रहा है अभी तक सारे अपराधी गिरफ्तार क्यों नहीं हुए उनके घरों पर बुलडोजर क्यों नहीं चलाया गया कहीं आप भी सिख धर्म के लोगों के साथ अन्याय तो नहीं कर रहे हैं ।



