नया भोपाल बाईपास का प्लांटेशन आखिर चढ़ ही गया भ्रष्टाचार की भेंट

भोपाल वन विभाग के द्वारा कुछ वर्ष पूर्व भोपाल बाईपास पर लाखों रुपए की लागत से वन विभाग के द्वारा प्लांटेशन किया गया था जिसको वही के बिल्डरों द्वारा नस्त और नाबूत कर दिया गया है।

भोपाल के खोजी पत्रकार ने इसकी ग्राउंड रिपोर्टिंग कर इसका खुलासा किया था कान्हांसैयां से विदिशा चौराहे तक बिल्डरों द्वारा हरे भरे वृक्षों के साथ फेंसिंग तक को काट दिया था जिसमें खबर के प्रकाशित होते ही वन विभाग ने जांच पड़ताल शुरू कर दी थी जिसमें 10 से 12 बिल्डरों को दोषी मानते हुए उन पर जुर्माना लगाया था सभी बिल्डरों पर 20 लाख रुपए के आसपास रिकवरी की फाइल तैयार की गई है जोकि गर्व की गुफा में समाने जा रही है।


इसी सिलसिले में जांच करने वाले डिप्टी रेंजर से इस मामले की जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि हमारे द्वारा फाइल डी. एफ. ओ. भोपाल को पहुंचा दी गई थी वहां से एमपीआरडीसी भेज दी गई है इसकी रिकवरी एमपीआरडीसी करेगा।
खबर खालसा के प्रधान संपादक आर. एस. सिंह खालसा ने एमपीआरडीसी के असिस्टेंट इंजीनियर रिजवी से बात की तब उन्होंने जानकारी देते हुए बताया हमारे पास प्लांटेशन की कोई भी फाइल नहीं है और भोपाल बाईपास का प्लांटेशन वन विभाग ने किया है तो उसकी रिकवरी भी वन विभाग ही करेगा।

इसी मामले में जब भोपाल वन मंडल अधिकारी आलोक पाठक से फोन पर संपर्क साधा गया तब उन्होंने फोन नहीं उठाया और जब उनके कार्यालय पहुंचे तो वह कार्यालय में भी नहीं मिले जिसकी जानकारी अधूरी की अधूरी रह गई अब देखना यह है 10:00 से 12:00 बिल्डरों पर 20 लाख की जुर्माने की फाइल आखिर कब तक दोनों विभागों के बीच में झूला झूलती रहेगी ।



