रन तो विराट कोहली से भी नहीं बन रहे, फिर चेतेश्वर पुजारा के साथ सौतेला व्यवहार क्यों?

नई दिल्ली: वेस्टइंडीज के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) को भारतीय टीम में जगह नहीं मिली है। तीसरे नंबर पर खेलने वाले पुजारा को उनके खराब प्रदर्शन की वजह से बाहर किया गया है। लेकिन ऐसा नहीं है कि टीम में सिर्फ पुजारा का बल्ला ही शांत है। टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भारत की बैटिंग फेल रही। विराट कोहली की तो स्थिति पुजारा जैसी ही है, फिर भी वह टीम का हिस्सा बने हुए हैं। आइए देखते हैं 2020 के बाद टेस्ट में विराट और पुजारा का प्रदर्शन कैसा रहा है।
टेस्ट में विराट vs पुजारा
विराट कोहली टेस्ट में नंबर 4 और चेतेश्वर पुजारा नंबर 3 पर खेलते हैं। 2020 से पुजारा ने भारत के लिए 28 टेस्ट खेले हैं। इसमें उनके नाम 29.69 की औसत से 1455 रन हैं। इस दौरान उन्होंने 11 अर्धशतकीय और एक शतकीय पारी खेली है। पुजारा की सबसे बड़ी पारी 102 रनों की रही है।
विराट कोहली की बात करें तो उन्होंने 2020 से अभी तक 25 टेस्ट खेले हैं। इसमें पूर्व कप्तान के बल्ले से 29.69 की औसत से 1277 रन निकले हैं। विराट ने भी पुजारा की तरह एक ही शतक लगाया है। लेकिन अर्धशतक 6 ही बनाए हैं। 2022 से तो विराट ने टेस्ट में एक ही बार 50 का आंकड़ा पार किया है।
दूसरी बार ड्रॉप हुए पुजारा
विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा का 2020 से प्रदर्शन लगभग एक ही जैसा है। फिर भी पुजारा को दूसरी बार टेस्ट टीम से ड्रॉप किया गया है। पिछले साल की शुरुआत में भारत ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेला था। उससे भी पुजारा को बाहर कर दिया गया था। वहीं विराट कोहली एक बार भी टीम से बाहर नहीं हुए हैं।



