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राहुल गांधी और एन बीरेन सिंह दोनों पहुंच रहे राज्यपाल से मिलने, मणिपुर सियासत में कुछ बड़ा होने वाला है!

​कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को राहत शिविरों का दौरा करने और प्रभावित लोगों से मिलने के लिए मोइरांग के लिए रवाना हुए। गांधी ने चुराचांदपुर में जातीय संघर्ष से विस्थापित लोगों से मुलाकात की थी। गुरुवार को वह हेलीकॉप्टर से वहां पहुंचे थे। वह अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से पीड़ितों से मिलने पहुंच पाए क्योंकि हिंसा के डर से राज्य पुलिस ने उनके वाहनों के काफिले को बीच रास्ते में ही रोक दिया था।

राहुल गांधी और एन बीरेन सिंह दोनों राज्यपाल से मिलेंगे

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह राज्यपाल अनुसुइया उइके से मिलने जा रहे हैं। वहीं राहुल गांधी भी राज्यपाल से मिलने पहुंच रहे हैं। इंफाल में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि मणिपुर की दुखद स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है…हम राज्यपाल से मिलने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि शिविरों में बहुत सारी कमियां हैं। राहुल गांधी ने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है। संभवता उनकी मुलाकात डेढ़ बजे होगी।

हिमंत बिस्व सरमा ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मणिपुर दौरे पर कहा कि राज्य में स्थिति करुणा के जरिए मतभेदों को दूर करने की मांग करती है, न कि किसी नेता के दौरे से मतभेद बढ़ाने की। हिमंत बिस्व शर्मा ने कहा कि गांधी के मणिपुर दौरे को मीडिया ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है और इस वक्त किसी को पूर्वोत्तर राज्य की दुखद स्थिति से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, ‘मणिपुर में स्थिति करुणा के जरिए मतभेदों को दूर करने की मांग करती है। किसी नेता द्वारा अपनी तथाकथित यात्रा का उपयोग मतभेदों को बढ़ाने के लिए करना राष्ट्र के हित में नहीं है। राज्य के दोनों समुदायों ने ऐसे प्रयासों को साफ तौर पर खारिज कर दिया है।’

​दंगाइयों की गोलीबारी में एक की मौत, कुछ घायल​

मणिपुर के कंगपोकपी जिले में गुरुवार को कुछ ‘दंगाइयों’ ने बिना किसी उकसावे के गोलीबारी की। इसमें एक शख्स की जान चली गई और कुछ अन्य घायल हो गए। इस घटना के कारण इलाके में तनाव है। सेना ने बताया कि हथियारबंद दंगाइयों ने तड़के गोलीबारी शुरू कर दी। स्थिति को और अधिक बिगड़ने से रोकने के लिए क्षेत्र में तैनात सैनिक तुंरत जुट गए। सैनिकों ने दंगाइयों को माकूल जवाब दिया। सैनिकों की तुरंत कार्रवाई से फायरिंग बंद हो गई। यह इलाका राजधानी इम्फाल से करीब 20 किलोमीटर दूर है। बीजेपी ने कहा कि मणिपुर में 13 जून के बाद से किसी के हताहत होने की खबर नहीं थी, लेकिन बहुत दुख की बात है … आज एक व्यक्ति के मारे जाने की खबर है।

​पहले दिन मणिपुर में हुआ ड्रामा​

कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का मणिपुर दौरा गुरुवार को विवादों में घिर गया। दो दिन के दौरे पर जब राहुल मणिपुर की राजधानी इम्फाल पहुंचे तो उनके काफिल को 20 किलोमीटर दूर बिष्णुपुर में पुलिस ने रोक दिया। राहुल जातीय हिंसा से प्रभावित लोगों से मिलने चुराचांदपुर के शरणार्थी शिविर जा रहे थे। स्थानीय पुलिस ने बताया कि रास्ते में जोखिम है। उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। कई जगहों पर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। राहुल को रोके जाने को कांग्रेस ने मुद्दा बनाया। बीजेपी ने भी पलटवार किया। बाद में राहुल को सरकारी हेलिकॉप्टर से चुराचांदपुर भेजा गया। जहां राहत शिविर में वह लोगों से मिले। इसके बाद उन्हें मोइरांग जाना था, लेकिन प्रशासन ने इजाजत नहीं दी। राहुल को चुराचांदपुर से ही इम्फाल लौटना पड़ा।

​इंफाल के होटल में राहुल गांधी की मीटिंग​

शुक्रवार की सुबह राहुल गांधी मोइरांग पहुंचे। वह सभी प्रभावित परिवारों से मिलेंगे और राहत शिविरों का दौरा करेंगे। उसके बाद राहुल गांधी इंफाल वापस आएंगे। इंफाल होटल में वह नागरिक समाज संगठन के नेताओं, यूनाइटेड नागा काउंसिल के नेताओं, 10 समान विचारधारा वाले राजनीतिक दलों और महिला नेताओं से मुलाकात करेंगे।

​मणिपुर में हिंसा जारी​

पुलिस ने कहा कि बिष्णुपुर जिले में एक गुट ने राहुल के समर्थन में तो दूसरे ने विरोध में प्रदर्शन किया। हाइवे पर टायर जलाए गए और काफिले पर कुछ पत्थर फेंके गए, इसलिए सावधानी रखते हुए राहुल के काफिले को विष्णुपुर में रोका गया। प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। काफिला रोके जाने पर राहुल ने ट्वीट किया, मैं मणिपुर के अपने सभी भाई-बहनों को सुनने आया हूं। सभी समुदायों के लोग बहुत स्वागत और प्रेम कर रहे हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार मुझे रोक रही है। मणिपुर को इलाज की जरूरत है। शांति हमारी एकमात्र प्राथमिकता होनी चाहिए।

​मणिपुर हिंसा पर क्या बोले मल्लिकार्जुन खरगे​

कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्वीट किया, ‘डबल इंजन वाली विनाशकारी सरकारें राहुल गांधी की लोगों तक पहुंच को रोकने के लिए निरंकुश तरीकों का इस्तेमाल कर रही हैं। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है और सभी संवैधानिक और लोकतांत्रिक मानदंडों को ध्वस्त करता है। मणिपुर को शांति की जरूरत है, टकराव की नहीं।…राहुल राहत शिविरों में पीड़ित लोगों से मिलने और उन्हें सांत्वना देने के लिए वहां जा रहे हैं।’

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