गौहर महल में देखें क्राफ्ट मेला, भारत भवन में गोस्वामी तुलसीदास महोत्सव का पांचवां दिन

भोपाल। कोरोना की तीसरी लहर का प्रकोप खत्म होने के बाद शहर में सांस्कृतिक, धार्मिक, सामाजिक कार्यक्रम पहले की तरह हो रहे हैं। मंगलवार 20 जून को शहर में कई ऐसे आयोजन हैं, जिनका आप आनंद उठा सकते हैं। यहां हम कुछ ऐसे ही चुनींदा कार्यक्रमों की जानकारी पेश कर रहे हैं, जिसे पढ़कर आपको अपनी दिन की कार्ययोजना बनाने में आसानी होगी।
माह का प्रादर्श – इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के अंतरंग भवन वीथि संकुल में माह के प्रादर्श श्रृंखला के अंतर्गत माह जून के प्रादर्श के रूप में नदी टोला, गुमला, झारखंड के ओरांव समुदाय से संकलित पारंपरिक ‘जाता – एक पारंपरिक हस्त चालित चक्की’ को दर्शकों के अवलोकनार्थ प्रदर्शित किया गया है। पाषाण से निर्मित यह चक्की अनाज पीसने में उपयोग होती थी। इसे सुबह 11 बजे से देखा जा सकता है।
चित्र प्रदर्शनी – रेखाओं को जोड़कर चटख रंगों से बनाए गए पशु-पक्षी एवं जानवरों के चित्र सभी को आकर्षित करते हैं। ऐसे ही चित्रों को निहारने का अवसर कला प्रेमियों को मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय में मिल रहा है। गोंड समुदाय की चित्रकार रजनी धुर्वे के चित्रों की प्रदर्शनी लिखंदरा दीर्घा में सजाई गई है। इस प्रदर्शनी को दोपहर 12 बजे से रात आठ बजे तक देखा जा सकता है।
क्राफ्ट बाजार – मध्यप्रदेश शासन कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा गौहर महल में 16 से 25 जून तक काफ्ट बाजार का आयोजन किया जा रहा है। प्रदर्शनी में आंध्रप्रदेश के हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट के ब्रांड लेपाक्षी को और आंध्रप्रदेश के मास्टर बुनकरों/कारीगरों के उत्पादों का प्रदर्शन सह विक्रय किया जा रहा है। कलात्मक घरेलू समान और परिधान के लिहाज से यह प्रदर्शनी देखने लायक है। समय दोपहर एक बजे से है।
गोस्वामी तुलसीदास समारोह – भारत भवन में गोस्वामी तुलसीदास समारोह का आज पांचवां दिन है। इस समारोह के तहत आज दोपहर दो बजे से फिल्म तुलसीदास का प्रदर्शन होगा। शाम सात बजे रामरथ पांडेय द्वारा आल्हा शैली में तुलसी चरित का गायन और शाम 7:50 बजे ध्रुपद वृंद में ध्रुपद शैली में तुलसी की रचनाओं का गायन गुरुकुल ध्रुपद संस्थान, भोपाल के कलाकार करेंगे।
सांस्कृतिक महोत्सव – कीर्ति बैले एंड परफार्मिंग आर्टस सभागार में राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव “धरोहर 14” के तहत स्व. प्रभात गांगुली स्मृति रागबंध किया जाएगा। समय शाम सात बजे से रहेगा। दूसरे दिन बैले नाट्य की प्रस्तुति क्षिप्रा अर्घ्य कला समिति के कलाकार देंगे। कोरियोग्राफी वैशाली गुप्ता की और संगीत सुश्रुत गुप्ता का है।



