कैथल – पंजाब नेशनल बैंक का कैशियर गिरफ्तार, उपभोक्ताओं के करोड़ों का किया था गबन

मामले को लेकर डीएसपी विवेक चौधरी ने लघु सचिवालय स्थित उनके कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत की। डीएसपी ने बताया कि इस संबंध में बैंक के शाखा प्रबंधक धर्मपाल गिल ने सदर थाना में पुलिस को शिकायत दी। प्रबंधक के अनुसार ग्राहक सुरेश कुमार ने बैंक में 21 अप्रैल को डेढ़ लाख रुपये जमा करवाए थे।
कैथल के गांव नौच स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से उपभोक्ताओं के करोड़ों रुपये गबन कर फरार होने वाले आरोपी कैशियर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को तीन पत्ती व ड्रीम इलेवन जैसे ऑनलाइन गेम पर सट्टा लगाने की लत थी। सट्टा खेलते हुए वह इस हद तक पहुंच गया कि उसने देनदारी बढऩे पर अपनी जमीन भी बेची दी थी। फिर भी गेम की लत नहीं छुटी तो आरोपी बैंक कैशियर ने बैंक उपभोक्ताओं खातों से नकदी का गबन करना शुरू कर दिया। आरोपी पिछले करीब एक-डेढ़ साल से लोगों के खातों से रुपये निकाल कर सट्टा खेल रहा था। पुलिस ने उसे कैथल शहर से ही गिरफ्तार किया है।
आरोपी को थी तीन पत्ती व ड्रीम इलेवन पर सट्टा लगाने की लत
मामले को लेकर डीएसपी विवेक चौधरी ने लघु सचिवालय स्थित उनके कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत की। डीएसपी ने बताया कि इस संबंध में बैंक के शाखा प्रबंधक धर्मपाल गिल ने सदर थाना में पुलिस को शिकायत दी। प्रबंधक के अनुसार ग्राहक सुरेश कुमार ने बैंक में 21 अप्रैल को डेढ़ लाख रुपये जमा करवाए थे। उस समय कैशियर रामबीर ने ग्राहक को कहा कि सर्वर डाउन है, उसलिए बैलेंस का पता नहीं लग पाएगा। उसके बाद ग्राहक फिर से 24 अप्रैल को बैंक में गया और अपने पैसे के बारे में पूछताछ की तो आरोपी कैशियर बैंक से निकल गया। उसते इस संबंध में प्रबंधक को लिखित शिकायत दी। जांच हुई तो काफी ग्राहकों का पैसा उनके खाते में नहीं पाया गया। मामले में सदर थाना में एफआईआर दर्ज कर कैशियर को शहर से ही पकड़ा गया।
करीब एक-डेढ़ साल से लोगों के खातों से रुपये निकाल कर खेल रहा था सट्टा
डीएसपी ने बताया कि प्रबंधक से मिली जानकारी के अनुसार अब तक 23 व्यक्तियों ने फ्रॉड होने की शिकायत दी है। शिकायतों में अब तक एक करोड़ 70 लाख के करीब राशि गबन होने की बात सामने आई है। बाकी जांच में सामने आएगा कि आरोपी ने कितने लोगों से फ्रॉड किया है। जिन उपभोक्ताओं के खातों से राशि निकली है, उनकी खाता स्टेटमेंट निकाली जाएगी। पुलिस के साथ-साथ बैंक भी अपनी कमेटी के माध्यम से जांच करवाएगा कि मामले में और कौन-कौन शामिल हैं? अभी तक आरोपी से किसी प्रकार की रिकवरी नहीं हुई, आगामी कार्रवाई के लिए आरोपी का रिमांड लिया जाएगा। बैंक के अन्य कर्मचारियों को जांच में शामिल किया जाएगा।
करीब एक-डेढ़ साल से लोगों के खातों से रुपये निकाल कर खेल रहा था सट्टा
डीएसपी ने यह भी बताया कि आरोपी मूल रूप से वह सेढ़ा माजरा जिला जींद का रहने वाला है। वह काइंड ऑफ पैरेलल बैंकिंग चलाता था। इसमें उपभोक्ता के पैसे बैंक में जमा नहीं होते थे। आरोपी ट्रांजेक्शन की ऑफिस कॉपी को भी अपने पास रखता था। अगर कोई पैसे लेने आता तो उसके पास मौजूद रुपयों में से ही देता था। आरोपी हर बार हर बार सर्वर डाउन होने की बात कहता था और लोग विश्वास कर लेते थे।



