आरा मशीनों के समुंदर का बड़ा मगरमच्छ शकुंतला इंटरप्राइजेज



आर. एस. सिंह खालसा
भोपाल . खबर का हुआ असर वन विभाग आया एक्शन में वन मंडल अधिकारी भोपाल के आदेश पर उड़नदस्ता भोपाल ने मगवा लिए शकुंतला इंटरप्राइजेज के बिल, मीडिया की सुर्खियों में चल रहा इस आरा मशीन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है लगातार प्रकाशित हो रही खबरों से संज्ञान में आते ही वन मंडल अधिकारी आलोक पाठक ने गंभीर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं ग्राम पंचायत पिपलिया जाहिर की चोपड़ा भोपाल में स्थित आरा मशीन पर जांच के आदेश जारी कर दिए हैं भोपाल वन उड़न दस्ता प्रभारी को लताड़ते हुए जांच के आदेश दिए हैं उक्त आरा मशीन के ग्राम पंचायत से दूसरे जिलों में बेची गई लकड़ी के प्रोडक्टों के बिल मंगवा लिए गए हैं अब इन बिलों की जांच पड़ताल की जाएगी क्या इन सभी बिलों पर वन विभाग द्वारा टीपी ली गई है या नहीं जिसकी जांच होगी।
भोपाल वन मंडल अधिकारी आलोक पाठक के मार्गदर्शन में इस आरा मशीन के और भी दस्तावेज बड़ी ही गंभीरता से जांच करने का फैसला लिया गया है,ज्ञातवय हो यह आरा मशीन पहली बार विवाद मैं नहीं आई है यह कोई पहली कार्यवाही नहीं की जा रही है इसके पूर्व 2022 में रहे उड़नदस्ता प्रभारी डिप्टी रेंजर सुरेश शर्मा के कार्यकाल में तीन- तीन महीने के बीच करीबन 4 या 5 बार पूर्व में भी कार्यवाही की जा चुकी है उस कार्रवाई की भी विस्तार से जांच होनी चाहिए।
वन विभाग के द्वारा आरा मशीनों को लेकर बनाई गई गाइडलाइन में एक यह भी प्रावधान है किसी भी आरा मशीन पर 4 से 5 बार कारवाही के मामले दर्ज हो जाने से उक्त आरा मशीन को सील करने का भी प्रावधान है सील करने की कार्यवाही कोई और नहीं बल्कि डीएफओ स्तर का अधिकारी ही बाध्य होता है ।
अब देखना यह है क्या डीएफओ भोपाल इस आरा मशीन को सील करेंगे या नहीं, सूत्र यह भी बताते हैं पिछले 30 से 40 वर्षों से लगातार इस आरा मशीन के संचालक इस कारोबार में लिप्त हैं क्या वन विभाग इतने वर्षों के बिल एवं इनकी टीपी का भी मिलान करेंगे ।
अब सवाल यह हैं ..? अगर 30 से 40 वर्षों से लगातार बगैर टीपी के बैची गई दूसरे जिलों में लकड़ी के बिलो में गड़बडी़ मिलने से गंभीर अपराध तो साबित हो जाएगा तब ऐसी स्थिति में डीएफओ भोपाल इस आरा मशीन को सील करेगे या फिर पूरे कुऐ में भांग घोलेगे ।



