काम के साथ शौक को भी जीते है मध्य प्रदेश के यह वरिष्ठ अधिकारी

भोपाल। अखिल भारतीय सेवाओं में व्यस्तता के कारण जहां स्वयं और परिवार के लिए समय निकालना मुश्किल होता जा रहा है, ऐसे में भी मप्र कैडर के कुछ ऐसे अधिकारी हैं जो अपनी प्रशासनिक सेवाओं और पारिवारिक दायत्वों के साथ-साथ जहां अपने शौक के लिए अपने समय निकालकर अपनी रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से दूसरों के सामने उदाहरण पेश कर रहे हैं। जिसमें किसी ने खेल जगत और साहित्य में अपनी रुचि के हिसाब से देश में चर्चा बटोरी है तो किसी ने अपने अभिनय के चलते बड़े पर्दे पर भी काम कर चर्चा में रहे हैं। वहीं कुछ अधिकारी लेखन के क्षेत्र में भी समाज काे नई दिशा देने में अहम योगदान दे रहे हैं। नवदुनिया ने इन वरिष्ठ अधिकारियों की जीवन शैली और उनके योगदान पर चर्चा की।
खिलाड़ी, खेल प्रेमी और साहित्यिक अभिरुचि रखते हैं जैन
होमगार्ड एवं आपदा प्रबंधन के पुलिस महानिदेशक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पवन कुमार जैन 1987 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी है। वह खिलाड़ी, खेल प्रेमी और साहित्यिक अभिरुचि रखते हैं। वह किताबें लिखने के अलावा रचना पाठ करने के लिए विदेश जा चुके हैं।वे बताते हैं कि मैं तीस साल से नियमित बैडमिंटन खेल रहा हूं। खेल के प्रति प्रेेम और जुनून भी है। खेल मेरी नियमित दिनचर्चा का हिस्सा है।मैं कहीं भी जाऊं बैडमिंटन रैकेट मेरे साथ ही रहता है। इसके साथ ही हर दिन आधा घंटे योग और साइकिलिंग भी करता हूं।साहित्य के क्षेत्र में 35 सालों से काव्य मंचों पर सक्रिय हूं। लाल किले की प्राचीर से 15 बार काव्य पाठ कर चुका हूं। जैन हाल ही में जोधपुर में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन समिति की बैठक में शामिल होकर लौंटे हैं जिसमें देश के प्रतिष्ठित 125 कवि शामिल हुए।इस दौरान उन्होंने कवियों की सुरक्षा विषय पर संबोधन दिया।
दक्षिण की फिल्मों में किया काम, बाडी बिल्डिंग का भी शौक
आईपीएस सुशोवन बैनर्जी नौकरी के साथ-साथ अपने शौक को भी पूरा करते हैं। वे बताते हैं कि अभिनय मेरा पैशन है। मैंने कई फिल्म्स और टेलीविजन शोज में काम किया है। अब के बरस मेरी पहली फिल्म थी। दीवानगी, फिदा, नेताजी सुभाषचंद्र बोस द फार्गोटन हीरो जैसी कुछ फेमस फिल्मों में भी काम किया। मलयालम फिल्म में मुख्य विलेन का किरदार निभाया। मैंने टीवी में काफी काम किया। चूंकि मैं स्पोर्ट्स पर्सन हूं, इसलिए फिटनेस मेरे लिए हमेशा से प्रायोरिटी रही। मैं सुबह 45 मिनट का हेवी कार्डियो एक्सरसाइज करता हूं। इसके अलावा शाम को जिम जाता हूं। शुक्रवार और शनिवार को क्रिकेट खेलता हूं। क्योंकि खेल से बेहतर एक्सरसाइज काेई नहीं होती। मैंने अपनी नौकरी के साथ-साथ हर शौक पूरा किया है।
स्कूल के समय से दौड़ रहे अवर सचिव सोनकिया
राज्य निर्वाचन आयोग में अवर सचिव विनोद सोनकिया नौवीं क्लास से ही एथलेटिक्स में रुचि रखते हैं। उन्होंने इसकी शुरुआत स्कूल स्तर पर की थी। जिसमें संभाग स्तर पर खेल को निखारा। इस दौरान बिना तैयारी के प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। जिस कारण अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाए थे, लेकिन इसको करियर के रूप में अपने जीवन में उतारा और दौड़ना शुरू किया। इसके बाद से इस खेल में माहिर हो गए। वह अपने काम से समय निकाल कर एथलेटिक्स का अभ्यास करते हैं। शहर का ऐसा कोई मैदान नहीं हैं जहां वह दौड़ लगाते नजर न आएं। वह हर दिन सुबह छह बजे उठकर अभ्यास करते हैं। उन्होंने सिंगापुर, जापान और ब्राजील में विश्व मास्टर एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है। राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में आठ स्वर्ण पदक जीते हैं।
साहित्यिक क्षेत्र में रुचि रखते हैं राजीव शर्मा
आईपीएस अधिकारी राजीव शर्मा अपने प्रशासनिक सेवा के साथ-साथ लेखन में भी समय देते हैं। उन्होंने साहित्यिक क्षेत्र में विशेष योगदान दिया है। हाल में आदिशंकराचार्य के जीवन पर आधारित उपन्यास विद्रोही संन्यासी पुस्तक लिखी है। जिसे खूब चर्चा भी हो रही है। इसके अलावा अद्भुत संन्यासी उपन्यास भी लिखा है। उन्होंने तीन कविता-संग्रह उम्र की इक्कीस गलियां (2000), धूप के ग्लेशियर (2001) तथा प्रिज्म (2007) लिखे हैं। मंडला जिले पर युगयुगीन मंडला (2010) भी लिखा। इसके बाद कान्हा और बांधवगढ़ के जंगलों में सौ से ज्यादा प्रजातियों का छायांकन पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही वह वन्य जीवन, ग्रामीण विकास, जनजातीय मुद्दों, जल संवर्धन, जैव विविधता और हस्तशिल्प में मैदानी कार्य करने में रुचि रखते हैं।



