स्वराज भवन में कला प्रदर्शनी का अंतिम दिन, जनजातीय संग्रहालय में चित्रांकन शिविर

भोपाल। कोरोना की तीसरी लहर का प्रकोप खत्म होने के बाद शहर में सांस्कृतिक, धार्मिक, सामाजिक कार्यक्रम पहले की तरह हो रहे हैं। मंगलवार 27 जून को शहर में कई ऐसे आयोजन हैं, जिनका आप आनंद उठा सकते हैं। यहां हम कुछ ऐसे ही चुनींदा कार्यक्रमों की जानकारी पेश कर रहे हैं, जिसे पढ़कर आपको अपनी दिन की कार्ययोजना बनाने में आसानी होगी।
माह का प्रादर्श – इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के अंतरंग भवन वीथि संकुल में माह के प्रादर्श श्रृंखला के अंतर्गत माह जून के प्रादर्श के रूप में नदी टोला, गुमला, झारखंड के ओरांव समुदाय से संकलित पारंपरिक ‘जाता – एक पारंपरिक हस्त चालित चक्की’ को प्रदर्शित किया गया है। पाषाण से निर्मित यह चक्की अनाज पीसने में उपयोग होती थी। मानव संग्रहालय में आप इसका अवलोकन सुबह 11 बजे से कर सकते हैं।
चित्र प्रदर्शनी – रेखाओं को जोड़कर चटख रंगों से बनाए गए पशु-पक्षी एवं जानवरों के चित्र सभी को आकर्षित करते हैं। ऐसे ही चित्रों को निहारने का अवसर कला प्रेमियों को मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय में मिल रहा है। गोंड समुदाय की चित्रकार रजनी धुर्वे के चित्रों की प्रदर्शनी लिखंदरा दीर्घा में सजाई गई है। इस प्रदर्शनी को दोपहर 12 बजे से रात आठ बजे तक देखा जा सकता है।
कला प्रदर्शनी – आर्ट एंड डिजाइन क्लासेस की ओर से रंगोदय कला प्रदर्शनी का आयोजन स्वराज भवन की कला वीथिका में किया जा रहा है। प्रदर्शनी में 17 चित्रकारों ने 48 चित्र प्रदर्शित किए हैं। यह दोपहर दो बजे से शाम सात बजे तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी। मंगलवार को प्रदर्शनी का अंतिम दिन है।
चित्रांकन शिविर – मप्र जनजातीय संग्रहालय में बच्चों के लिए ग्रीष्मकालीन चित्रांकन शिविर उल्लास का आयोजन किया जा रहा है। इसमें भील चित्रकार भूरी बाई और गोंड चित्रकार नर्मदा प्रसाद तेकाम बच्चों को पेंटिंग के लिए रेखा, रंग आदि के बारे में सिखा रहे हैं। समय दोपहर दो बजे से है।



