टाइम टू हैंग माय बूट्स… 46 साल बिताने के बाद HDFC के दीपक पारेख ने दिया इस्तीफा, गिनाए मर्जर के फायदे

नई दिल्ली : एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक के विलय से पहले HDFC के चेयरमैन दीपक पारेख (Deepak Parekh) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पारेख ने पहले ही ऐसे संकेत दे दिये थे कि 30 जून का उनका आखिरी वर्किंग डे होगा। हाउसिंग फाइनेंस कंपनी एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक का मर्जर (HDFC-HDFC Bank merger) 1 जुलाई को प्रभावी हो जाएगा। दीपक पारेख ने शुक्रवार को शेयरधारकों के नाम एक पत्र लिखा है। उन्होंने इसमें भरोसा जताया कि एचडीएफसी बैंक के स्वामित्व संभालने के साथ उसके और समूह की कंपनियों के बीच तालमेल गहरा होगा। पारेख ने शेयरधारकों को अपने आखिरी संदेश में कहा कि एचडीएफसी बैंक की मुख्य ताकतों में अब होम लोन भी शामिल होगा। पारेख ने लिखा, ‘टाइम टू हैंग माय बूट्स’।
एसेट्स और लायबिलिटी प्रोडक्ट्स की बिक्री
उन्होंने कहा, ‘एचडीएफसी बैंक होम लोन ग्राहकों को एसेट्स और लायबिलिटी प्रोडक्ट्स की बिक्री करने की संभावना से उत्साहित है। ऐसा डिजिटल मंचों पर बिना किसी बाधा के एक-क्लिक के जरिए किया जा सकेगा।’ उन्होंने कहा कि एचडीएफसी बैंक के विशाल डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का होम लोन और ग्रुप की कंपनियों के लिए बेहतर ढंग से इस्तेमाल किया जाएगा।
सबसे बड़ा जोखिम यथास्थिति बनाए रखना
पारेख ने कहा, ‘भविष्य में क्या होगा, यह तो समय ही बताएगा। लेकिन आज संगठनों के सामने सबसे बड़ा जोखिम यथास्थिति बनाए रखना है। इसके साथ इस विश्वास को भी बनाए रखना है कि बीते कल में जो अच्छा काम किया, वह भविष्य में भी जारी रहेगा।’ उन्होंने कहा कि परिवर्तन के लिए साहस की जरूरत है, क्योंकि यह व्यक्ति को आराम और सुविधा के दायरे से बाहर कर देता है
यह संन्यास लेने का वक्त
पारेख ने कहा कि अब उनके लिए संन्यास लेने का वक्त आ गया है और उन्होंने एक रोमांचक भविष्य और समृद्धि की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, ‘यह मेरे लिए भविष्य की उम्मीदों और आशाओं के साथ संन्यास लेने का वक्त है। हालांकि, एचडीएफसी के शेयरधारकों के लिए यह मेरा आखिरी संवाद होगा, लेकिन इस बात के लिए निश्चिंत रहिए कि हम अब वृद्धि और समृद्धि के एक बेहद रोमांचक भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं।’ पारेख ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि निगम में 46 साल बिताने के बाद 30 जून उनका आखिरी कार्य दिवस होगा।



