कार्यशाला में शहर में प्रदूषण की रोकथाम के लिए विशेषज्ञों ने दिए सुझाव

इंदौर। यूएसएआईडी, पीपुल्स साइंस इंस्टिट्यूट व दीनबंधु समाज संस्था के सहयोग इंदौर के माध्यम से शहर के निजी होटल में इंदौर में वायु प्रदूषण की रोकने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें शहर में कई ख्यात पर्यावरणविद् व विशेषज्ञ शामिल हुए।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि इंदौर शहर में वायु प्रदूषण की निगरानी के स्टेशन की कमी है। इसके अलावा शहरवासियों के बीच वायु प्रदूषण लेकर जागरुकता बढ़ाने कम ही प्रयास हुए है। विशेषज्ञों ने बताया कि शहर में नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जैसे संसथान की जिम्मेदारी वायु प्रदूषण पर नियंत्रण है, उनके बीच में सही तालमेल न होने के कारण वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे है।
चर्चा के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि इंदौर में अभी कई लोग खुले में कचरा जलाते है। इस पर रोक लगाने के लिए निगम को सख्ती करना होगी। उज्जवला योजना के तहत जरुरमंदो को गैस सिलिंडर उपलब्ध करवाने के बाद भी अब भी कई घरों में लकड़ी के चूल्हे का उपयोग बढ़ रहा है। इस वजह से भी वायु प्रदूषण बढ़ा है। इसके अलावा कई उद्योग सरकार से रियायतें नहीं मिलने के कारण अपने परिसर व मशीनरी में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए उपकरण नहीं लगाते है।
इस वजह से उद्योगों द्वारा किए जाने वाले वायु प्रदूषण पर पूर्ण रुप से रोक नहीं लग पा रही है। इस कार्यशाला में मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विज्ञानी अतुल कोटिया, रिटायर विज्ञानी डा. दिलीप वाघेला, एसजीएसआइटीएस के इंजीनियर विवेक तिवारी व देवेन्द्र दोहरे, रिटायर प्राचार्य किशोर पंवार व ओपी जोशी, एक्रोपालिस कालेज के ग्रुप डायरेक्टर अतुल भरत, क्लीन एयर केटेलिस्ट टीम के सदस्य व विभिन्न एनजीओ के सदस्य मौजूद थे। गौरतलब है कि इस संस्था विगत छह माह के दौरान शहर के वायु प्रदूषण को लेकर एक लघु शोध किया है।



