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बाघिन के शावकों को रेस्क्यू कर पहुचाया भोपाल वन विहार




डीएफओ अब्दुल्लागंज की अगुवाई में 8 दोनों तक रात दिन की मेहनत आखिर रंग लाई


भोपाल. रायसेन जिले के वन मंडल क्षेत्र रातापानी सेंचुरी दाहोद क्षेत्र के झिरी रेंज में एक बाघिन ने तीन शावकों को जन्म दिया था जानकारी के अनुसार बाघिन और एक शावक की 2 मई को मौत होने की सूचना वन विभाग के कर्मचारियों को मिली वन कर्मचारी के द्वारा अब्दुल्लागंज वन मंडल अधिकारी हेमंत रैकवार को दी गई उन्होंने तत्काल आनन-फानन में बचे हुए दो शावकों की तलाश करने के आदेश जारी किए पिछले एक सप्ताह से वन मंडल अधिकारी हेमंत रैकवार अपने अधीनस्थ एसडीओ, रेंजर , एवं रेंज की पूरी टीम के साथ मासूम नन्हे बाघिन के शावकों के भटकने की चिंता डीएफओ एवं उनकी टीम को सता रही थी , डीएफओ हेमंत रैकवार को बाघिन के दोनों मासूम नन्हे शावकों की चिंता बहुत ज्यादा सता रही थी रैकवार को डर था कहीं जंगल के अन्य जीव मासूम शावकों को कोई नुक्सान न पहुंचा दे उन्है रात दिन यह चिंता सता रही थी मासूम शावकों को कैसे बचाया जाए इसी चिंता में बाघिन के शावकों की तलाश शुरू कर दी गई वन मंडल अधिकारी हेमंत रैकवार के  नेतृत्व में तीन दलों का गठन किया गया तीनों टीमों ने अलग-अलग स्थान पर शावकों की तलाश जारी रखी घने जंगल और खड़ी चट्टानों के बीच नन्हे  मासूम बाघिन के शावकों को ढूंढना डीएफओ हेमंत रैकवार काफी कठिन कार्य लग रहा था उन के लिए बड़ा चेलेंज था उन्होंने बड़ी ही सूझबूझ एवं जंगल में सतर्कता दिखाते हुए अपने तीनों टीमों पर कंट्रोल रखते हुए एक हफ्ता लगातार रात दिन शावकों को ढूंढने में कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा उनकी पूरी टीम ने हिम्मत नहीं हारी एवं गंभीरता से शावकों को ढूंढने का प्रयास करते रहे।




वन अमले ने ट्रैकिंग कैमरो एवं ड्रोन की मदद से ऐसे स्थान पर शावकों को ट्रेस कर लिया  जहां पहुंचना काफी मुश्किल काम था।




वन मंडल अधिकारी हेमंत रैकवार एवं उनकी पूरी टीम जंगल में बीचोबीच कठिनाईयों का सामना करके हिम्मत दिखाई और बाघिन के शावकों तक आखिर पहुंच ही गए, यहां बतादे जंगल में करीबन 15 कैमरे लगे हुए थे इस के अलावा ड्रोन का भी उपयोग किया था यह मिशन वन अमले के लिए काफी जोखम एवं कठिनाइयों  से भरा हुआ था  यहां वह कहावत सटीक बैठती हैं



( हिम्मत ऐ मरदा , मदद ऐ खुदा ) की तर्ज पर डीएफओ एवं उनकी पूरी टीम ने ईश्वर पर भरोसा रखते हुए अपने हिम्मत और हौसले का परिचय देते हुए बाघिन के दोनों मासूम शावकों को सुरक्षित ढूंढ लिया और भोपाल वन विहार तक पहुंचा दिया।

इन का कहना:-

हमारे लिए वन हमारा घर हैं वन प्राणी हमारा  परिवार जब परिवार का कोई भी मेंबर परेशानी में हो तब हम शांत कैसे बैठ सकते हैं वन और वन जीवों की सुरक्षा के लिए हम कोई भी खतरा उठाने को तैयार हैं वन और वन प्राणीयों की सुरक्षा करना हमारा कर्तव्य भी हैं और धर्म भी ।

हेमंत रैकवार
वन मंडल अधिकारी अब्दुल्लागंज जिला रायसेन

इनका कहना हैं :-

मैं अपने डीएफओ के नेतृत्व में अपनी टीम के साथ एक हफ्ता से ज्यादा रात दिन जंगल में भटकते रहे मासूम शावकों को ढूंढते रहे हमारी रेंज में लगभग 15 कैमरे लगाए गए हैं कैमरो मैं नन्हे शावकों को एक तेंदुऐ  के पास ट्रेस किया गया हमारे द्वारा पिंजरे में गोश्त रखा गया था शावकों ने नजर अंदाज कर दिया तेंदूऐ द्वारा किया गया था शिकार बचा हुआ गोश्त शावकों ने खाया इसलिए पिंजरे के अंदर नहीं आ सके हमारा लक्ष्य था मासूम शावकों को हर हाल में सुरक्षित ढूंढना हमारी टीम ने गंभीरता के साथ अपना कर्तव्य निभाया है वन और वन प्राणियों के लिए हम हर वक्त तत्पर हैं  यही हमारा कर्तव्य हैं।


कार्तिकेय शुक्ला
रेंजर झिरी रेंज अब्दुल्लागंज जिला रायसेन

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