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असिस्टेंट विधायक सहित भाजपा के नो रसूखदारों को कड़ी सजा के साथ जुर्माना

पिपरिया. मध्य प्रदेश के नर्मदा पुरम जिले में उस वक्त सनसनी फैल गई जब अतिरिक्त सेशन  न्यायाधीश की अदालत में अमानत में खयानत के उद्देश्य से कारितं गए अपराध जिसमें पिपरिया में गेहूं खरीदी सीजन में इन अपराधियों ने सहकारी समिति के माध्यम से उस समिति में अपने-अपने पदों का अपने-अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए भारी घोटाला कर शासन को लगभग 27 लाख  रुपए की चपत लगाई थी उन्हें 7-7साथ वर्ष की सजा और 5.5 हजार रुपए का जुर्माना लगाकर दंडित किया है. अब आप सोच रहे होंगे यह असिस्टेंट विधायक क्या होता है तो आपको बताना उचित समझता हूं पिपरिया क्षेत्र में नवनीत नागपाल को इसी नाम से जाना जाता है यह प्रकरण राजनीति और भ्रष्टाचार के गठजोड़ कि वह वांनगी है जो सत्तारूढ़ दल द्वारा पिछले 18 .19 वर्षों में गांव गांव तक पहुंचाया गया है. यदि इतिहास के पिछले पन्नों को पलटाया जाए तो पिपरिया विधानसभा के एससी वर्ग के लिए आरक्षित होते ही टिकट के दावेदारों के लिए जोर अजमांइस शुरू हो गई थी तब होशंगाबाद नरसिंहपुर लोक सभा क्षेत्र के सांसद सरताज सिंह हुआ करते थे जिन्होंने सामाजिक सरोकारों का उत्तरदायित्व बहन करते हुए नवनीत नागपाल के कहने पर पिपरिया के भारतीय जनता पार्टी के एक साधारण कार्यकर्ता ठाकुरदास नागवंशी को टिकट दिलवाकर और विधायक बना कर  उन्हें अपने आगोश में समेटकर जिस तीव्र गति के साथ अपनी आर्थिक स्थिति का पुनरुद्धार किया है वह पिपरिया क्षेत्र में जन-जन मैं चर्चा का विषय है क्योंकि नवनीत नागपाल की इच्छा के बगैर पिपरिया में पत्ता भी नहीं हिलता और यही कारण है पिपरिया विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों ने उन्हें असिस्टेंट विधायक की उपाधि से नवाजा है.

मगर धन्य है तत्कालीन एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी जैसी कर्मठ और निष्ठावान प्रशासनिक अधिकारी जिन्होंने उक्त प्रकरण की सटीक विवेचना अपनी देखरेख में करवाते हुए प्रकरण को पुख्ता बनवाया धन्य है शासकीय अधिवक्ता सुनील चौधरी जिन्होंने प्रकरण को न्यायालय के सामने सभी पहलुओं के साथ दमदारी के साथ रखा और धन्य है अतिरिक्त सेशन जज पिपरिया जिन्होंने इस सनसनीखेज निर्णय को सुनाकर लोकतंत्र के टिमटिमाते हुए उस दीपक मैं घी डालने का काम किया है जिससे विरक्ति के कारण आज दिन पर दिन लोकतंत्र के महायज्ञ में वोटिंग प्रतिशत निरंतर घटता जा रहा है. न्यायालय के इस निर्णय से जहां आमजन में भारत की न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास पैदा हुआ है  वही दिन प्रतिदिन राजनीति एवं राजनीतिज्ञों पर अपनी पकड़ बनाए रखने वाले इन अमानत में खयानत करने वालों के लिए एक सबक भी है. पिपरिया क्षेत्र में बच्चे बच्चे की जुबान पर है यदि इस विधानसभा क्षेत्र में आपको अवैध शराब का व्यवसाय करना है आपको जुआ फड़ और सट्टा चलवाना है अवैध उत्खनन करवाना है या इसी प्रकार के अन्य अवैध काम करवाना है तो आपको सबसे पहले नवनीत नागपाल से लाइसेंस लेना पड़ेगा इसका सबसे बड़ा उदाहरण नजदीकी बस्ती खापरखेड़ा में लगभग 10 वर्षों से निरंतर संचालित किया जा रहे उस सट्टे का है जिसका सरगना इनकै आशीर्वाद से खापरखेड़ा एवं उसके आसपास के 10. 50 गांव में निरंतर सट्टा खिला रहा था गांव-गांव में उसके एजेंट फैले हुए थे लेकिन नर्मदा पुरम के ईमानदार कर्तव्यनिष्ठ और तेजतर्रार पुलिस अधिकारी आईपीएस डॉक्टर गुरचरण सिंह द्वारा किसी परिणाम की परवाह किए बिना इस किले को एक दिन में ढहा दिया गया था जिसका सु परिणाम यह है आज खापरखेड़ा और आसपास के गांव सट्टा मुक्त हो गए हैं पार्टी में इनके रसुख का अंदाज आप इसी बात से लगा सकते हैं स्थानीय कार्यकर्ताओं कै विरोध के बावजूद आखिर पार्टी को मजबूर होकर उनकी पत्नी को नगर पालिका के अध्यक्ष पद से नवाजना ही पड़ा. पिपरिया न्यायालय का यह निर्णय प्रदेश के उन लोक सेवकों के लिए भी संदेश है जो राजनीतिक दबाव की बात करते हुए आम जनता के हितों की अनदेखी करते हैं. यह निर्णय उन राजनीतिज्ञों की भी कलंई खोलता है जो 5 साल में एक बार सेवा करने के नाम पर भिखारीयो की भांति घर-घर जाकर वोटो की भीख मांगते हैं और उसके बाद लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाना प्रारंभ कर देते हैं. न्यायालय के निर्णय के बाद आम जनता की अपेक्षा है कि प्रदेश में सत्ता और माफिया का गठ जोड़ जो निरंतर कई वर्षों से कम कर रहा है उसको   ध्वस्त  करने के लिए मध्य प्रदेश शासन तत्काल कोई कठोर कदम उठाए आम जनता की कठोर श्रम से एकत्रित पाई पाई वसूलने के लिए इन अपराधी तत्वों के विरुद्ध कोई कार्य योजना बनाकर अपना सुशासन स्थापित करने कै संकल्प को कार्य रूप में परिणत करे. बतलाया जाता है कि इस क्षेत्र के राजनीतिक रसूखदारों ने पिछले 15 .20 वर्षों में अकूत संपदा एकत्रित की है जिसके पाई पाई का हिसाब करने का अब समय आ गया है और मध्य प्रदेश शासन को दृढ़ संकल्पित होकर इस काम को अंजाम देना ही होगा तभी उसकी प्रतिष्ठा आम जनमानस में कायम रह सकेगी.

ऐसा नहीं है कि भारतीय जनता पार्टी के इन क्रियाकलापों की जानकारी नागपुर तक ना पहुंचती हो. लेकिन संघ का काम करने का अपना तरीका है और वह खरगोश और कछुए की चाल में कछुआ बनकर अपनी कार्यशैली का परिचय देता है यही कारण है वर्तमान में संघ भारतीय जनता पार्टी के इन कार्यकलापों से वर्तमान में नाराज चल रहा है लेकिन समय की मांग है राष्ट्र हित एवं हिंदुत्व सर्वोपरि है इसलिए संघ अभी खामोश है. इंतजार है वक्त का विधायक को तो उसी दिन यह समझ जाना चाहिए था संघ की नजरों में उनकी क्या अहमियत है जब विगत महीने पूज्य सर संघ संचालक गोविंद नगर प्रवास पर आए और संघ के छोटे-छोटे कार्यकर्ताओं से भेंट की संवाद किया विधायक भी वहां पहुंचे थे लेकिन उन्हें बिना भेंट किए बिना दर्शन किए रुखसत होना पड़ा था



शिवमोहन सिंह की विशेष रिपोर्ट

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