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 पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना के निवेशकों को मिल सकती है खुशखबरी, सरकार आज कर सकती है ये ऐलान

नई दिल्ली: छोटी बचत योजनाओं (Small savings schemes) के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। पीपीएफ (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और सीनियर सिटीजंस सेविंग स्कीम्स पर ब्याज दर में बढ़ोतरी हो सकती है। पब्लिक प्रॉविडेंट फंड यानि पीपीएफ (PPF) में निवेश करने वालों को सरकार खुशखबरी दे सकती है। दरअसल छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में इस महीने के अंत 30 जून को बदलाव होना है। वित्त मंत्रालय छोटी बचत योजनाओं के ब्याज दरों की समीक्षा करने वाली है। इस बात के आसार है कि वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी तिमाही जुलाई से सितंबर के लिए पीपीएफ के ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जा सकती है। इसकी घोषणा आज की जा सकती है।

कई वर्षों से नहीं बदली हैं दरें

बता दें कि केंद्र सरकार ने अप्रैल 2020 से पीपीएफ की ब्याज दर में संशोधन नहीं किया है। यह तब से 7.1 फीसदी पर बनी हुई है। वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS), राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) और सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya scheme) सहित कई अन्य छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में पिछली दो तिमाहियों में बढ़ोतरी की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पिछले साल मई से रेपो रेट में 2.5 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। ऐसे में निवेशक उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार अगली समीक्षा के दौरान सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली लघु बचत योजनाओं में से एक की ब्याज दर में बढ़ोतरी कर सकती है।

पीपीएफ ब्याज दर की गणना कैसे की जाती है?

यह जानने के लिए कि जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान पीपीएफ पर ब्याज में बढ़ोतरी होगी या नहीं, आपको यह समझने की जरूरत है कि ब्याज दर की गणना कैसे की जाती है। बता दें कि छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें सेकेंडरी मार्केट में 10-वर्षीय सरकारी यील्ड से जुड़ी होती हैं। केंद्र सरकार पिछले तीन महीनों की सरकारी सिक्योरिटी यील्ड के आधार पर हर तिमाही छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करती है। यह श्यामला गोपीनाथ समिति, 2011 की सिफारिशों के अनुरूप है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें बाजार से जुड़ी हों।

क्या पीपीएफ की ब्याज दर बढ़ेगी?

आंकड़ों के मुताबिक, मार्च से मई 2023 तक बेंचमार्क 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड औसतन 7.3 प्रतिशत रही है। फॉर्मूले के अनुसार, पीपीएफ की ब्याज दर संबंधित मैच्योरिटी की औसत 10-वर्षीय जी-सेक यील्ड से 25 आधार अंक अधिक होगी। इसलिए इस प्रक्रिया का सख्ती से पालन करते हुए, पीपीएफ दर आदर्श रूप से 7.55 फीसदी होनी चाहिए। हालांकि एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बेंचमार्क यील्ड में धीरे-धीरे गिरावट आ रही है, जिससे पीपीएफ दर में बढ़ोतरी की संभावना पर संदेह भी है।

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